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किंग बनने से पहले शाहरुख खान कलाकारों को सप्लाई करते थे समोसे, इस एक्टर के पिता ने सुनाया किस्सा

Pankaj Kapoor News: दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर ने हाल ही में अपने थिएटर के दिनों की एक दिलचस्प और भावुक याद साझा की। उन्होंने बताया कि आज बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान बचपन में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में कलाकारों तक समोसे पहुंचाया करते थे।

एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान पंकज कपूर ने बताया कि NSD से पढ़ाई पूरी किए हुए उन्हें 50 साल हो चुके हैं। इस मौके पर उन्होंने अपने पुराने साथियों को घर बुलाया, जहां सभी ने छात्र जीवन की कई यादें ताजा कीं। पंकज कपूर ने बताया कि उस समय मशहूर थिएटर निर्देशक इब्राहिम अलकाज़ी एक साथ तीन बड़े नाटक रजिया सुल्तान, तुगलक और अंधा युग का निर्देशन कर रहे थे। इन नाटकों का मंचन एक पुराने किले में होता था, जिससे दर्शकों को बेहद शानदार अनुभव मिलता था।

पंकज कपूर ने ‘रजिया सुल्तान’ नाटक का एक खास दृश्य याद किया। इस दृश्य में भूखी जनता शासक के सामने खड़ी होती थी। उस समय पंकज और उनके साथी पहले वर्ष के छात्र थे और उन्हें भीड़ का हिस्सा बनाया गया था। वहीं, उनके दो दोस्त सैनिकों की भूमिका निभा रहे थे। नाटक के दौरान सैनिकों को भीड़ की ओर नान (रोटी) फेंकनी होती थी। पंकज और उनके दोस्तों ने इसका फायदा उठाने की एक मजेदार योजना बना ली। वे फेंकी गई नान को इकट्ठा कर लेते थे और इंटरवल में उन्हें लेकर समोसे और चाय के साथ खाते थे।

पंकज कपूर ने हंसते हुए बताया कि उनकी यह योजना ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकी। निर्देशक इब्राहिम अल्काज़ी ने देख लिया कि कुछ कलाकार मंच पर तय तरीके से अलग व्यवहार कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने सभी को डांट लगाई। इस पूरे किस्से का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया जब पंकज कपूर ने बताया कि उन कलाकारों तक समोसे पहुंचाने वाला लड़का कोई और नहीं, बल्कि शाहरुख खान थे। उस समय शाहरुख करीब 10 साल के थे और उनके पिता NSD की कैंटीन चलाते थे। इसी वजह से शाहरुख का थिएटर और कलाकारों से बचपन से ही जुड़ाव रहा।

गौरतलब है कि 2016 में दिए एक इंटरव्यू में शाहरुख खान ने भी बताया था कि उनके पिता NSD में कैंटीन चलाते थे। उन्होंने कहा था कि इसी कारण उन्हें थिएटर जगत के कई बेहतरीन कलाकारों के साथ समय बिताने और उनसे सीखने का मौका मिला। शाहरुख के अनुसार, थिएटर के उन अनुभवों ने उनके अभिनय और व्यक्तित्व को काफी प्रभावित किया। यह किस्सा दिखाता है कि बॉलीवुड का “किंग खान” बनने से पहले शाहरुख का जीवन भी आम लोगों की तरह साधारण अनुभवों से भरा हुआ था, और बचपन से ही उनका जुड़ाव कला और रंगमंच की दुनिया से रहा है।

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