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‘तू या मैं’ के साथ शनाया कपूर ने अपने कम्फर्ट ज़ोन से रखा बाहर कदम

Shanaya Kapoor

Shanaya Kapoor

एंटरटेनमेंट डेस्क: अपनी पहली फिल्म आंखों की गुस्ताखियां में शांत और इमोशनली ग्राउंडेड डेब्यू के बाद शनाया कपूर की दूसरी फिल्म बिल्कुल अलग मोड़ लेती है। तू या मैं आसान रास्ता नहीं चुनती। यह उन्हें ऐसी दुनिया में डालती है, जो जानबूझकर असहज है शारीरिक तौर पर भी भावनात्मक तौर पर भी और कहानी के स्तर पर भी। और यही चुनाव बताता है कि एक परफॉर्मर के रूप में वह किस दिशा में बढ़ना चाहती हैं।

फिल्म के निर्देशक बिजॉय नांबियार हैं और यहां रोमांटिक नरमी की जगह सर्वाइवल, डर और नैतिक असहजता ले लेती है। शनाया एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अवनी शाह का किरदार निभा रही हैं, जिसकी परफेक्ट दिखने वाली दुनिया तब दरकने लगती है, जब वह जिंदगी और मौत की सिचुएशन में फंस जाती है। यह परफॉर्मेंस ऊंची आवाज़ या ओवरड्रामेटिक पलों पर नहीं टिकी है। यह ठहराव, हिचक और रिएक्शन के जरिए असर छोड़ती है।

खास बात यह रही कि शनाया ने इन्फ्लुएंसर के किरदार को स्टीरियोटाइप बनने से बचाया। अवनी बनावटी नहीं लगती। ऊपर से कॉन्फिडेंट, भीतर से असुरक्षित। एक रिव्यू में सही कहा गया कि शानाया अवनी के रूप में खुद को बखूबी संभालती हैं और एक ऐसी युवा महिला का आत्मविश्वास और अंदर छिपी असुरक्षा दोनों पकड़ लेती हैं जो लगातार लोगों की नजरों में जीती है।

सबसे दिलचस्प है किरदार का भावनात्मक बदलाव। ग्लैमरस, इमेज को लेकर सतर्क लड़की से डरी हुई, बिखरी हुई सर्वाइवर तक का सफर विश्वसनीय लगता है। यही ट्रांसफॉर्मेशन परफॉर्मेंस को वजन देता है। को-लीड आदर्श गौरव की रफ और ग्राउंडेड मौजूदगी के साथ उनका टकराव कहानी में अलग तनाव और कंट्रास्ट जोड़ता है।

यह साफ तौर पर आंखों की गुस्ताखियां से अलग रास्ता है, जहां पहली फिल्म में संयम और शालीनता थी, वहीं तू या मैं में इंस्टिंक्ट, डर, घबराहट और सर्वाइवल है। शनाया ने अवनी के किरदार को आसान सहानुभूति के लिए पॉलिश नहीं किया। वह कमियों वाली है, बेचैन है, कभी-कभी उलझी हुई है और यही सच्चाई फिल्म के हक में जाती है।

कागज़ पर यह एक जॉनर फिल्म हो सकती है, लेकिन शनाया कपूर के लिए यह सोच समझकर लिया गया कदम लगता है। ऐसा कदम जो चुनौतियां देता है, सहारा नहीं। पहली फिल्म ने उन्हें परिचित कराया था, यह फिल्म उनकी रेंज और जोखिम लेने की तैयारी दिखाती है। एक कॉन्फिडेंट और हटकर दूसरी चाल और आगे क्या आने वाला है, उसका दिलचस्प संकेत।

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