Site icon Dainik Savera Times

लता मंगेशकर से पहली मुलाकात याद कर भावुक हुईं श्रेया घोषाल, बोलीं- गाना ही भूल गई थी

Shreya Ghoshal on First Meeting Lata Mangeshkar

Shreya Ghoshal on First Meeting Lata Mangeshkar

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का नाम संगीत के इतिहास में हमेशा सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा। उनके गीत आज भी लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए हैं। उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है और इसी क्रम में मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर लता दीदी को खास अंदाज़ में याद किया गया। एपिसोड की शुरुआत उनके अद्वितीय योगदान को नमन करते हुए हुई। इस दौरान माहौल इतना भावुक था कि दर्शकों से लेकर जज तक सभी की आंखें नम हो गईं।

इस मौके पर शो की जज श्रेया घोषाल ने लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देते हुए फिल्म ‘जब जब फूल खिले’ का सदाबहार गीत ‘ये समां है प्यार का’ गाया। जैसे ही उन्होंने सुर छेड़े, स्टूडियो में एक गहरी शांति और भावनाओं से भरा माहौल बन गया।

गाना खत्म होने के बाद श्रेया ने मंच पर लता मंगेशकर से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि लता दीदी उनके लिए आदर्श हैं, जैसे हर गायक के लिए गुरु होती हैं। श्रेया ने बताया कि लता जी से उनकी पहली मुलाकात उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक थी। एक बार वह स्टूडियो में रिकॉर्डिंग कर रही थीं, तभी उन्हें पता चला कि उसी स्टूडियो में लता मंगेशकर भी मौजूद हैं। यह सुनकर वह इतनी घबरा गईं कि गाना ही भूल गईं।

श्रेया ने बताया कि रिकॉर्डिस्ट ने उन्हें सलाह दी कि रिकॉर्डिंग छोड़कर पहले लता जी से मिल आना चाहिए। वह दौड़ते हुए उनके पास पहुंचीं, मन में बहुत कुछ कहने की इच्छा थी, लेकिन शब्द साथ नहीं दे रहे थे। तभी लता दीदी ने खुद उनसे कहा कि उन्होंने उनके गाने सुने हैं और उन्हें उनकी गायकी बहुत पसंद है।

श्रेया ने कहा कि वह पल उनके दिल में हमेशा के लिए बस गया और वह इसे कभी नहीं भूल सकतीं।

लता मंगेशकर की पुण्यतिथि पर फिल्म और संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी उन्हें याद किया। फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने सोशल मीडिया पर लता जी के साथ बिताए गए एक पुराने पल का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भारत रत्न लता मंगेशकर की मधुर आवाज, उनके गीत और उनकी आत्मा हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी। भले ही वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन यह सोच उन्हें सुकून देती है कि उनकी आत्मा अमर है।

Exit mobile version