एंटरटेनमेंट डेस्क: भारत के सबसे प्रभावशाली इलेक्ट्रॉनिक म्यूज़िक कलाकारों में से एक, न्यूक्लिया, जो भारतीय लोक संगीत और पॉप-कल्चर के प्रभावों को ग्लोबल बेस म्यूज़िक के साथ अपने खास अंदाज़ में पेश करने के लिए जाने जाते हैं, ने चिंचपोकली चा चिंतामणि गणपति के पावन आगमन के अवसर पर अपने आगामी गाने ‘आला रे आला’ की एक खास झलक पेश की। यह प्रस्तुति गणपति बप्पा के प्रति एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि के रूप में सामने आई।
‘कूचा मॉन्स्टर’, ‘बेस रानी’ और ‘राजा बाजा’ जैसे चर्चित म्यूज़िक प्रोजेक्ट्स और EDC Las Vegas, NH7 Weekender और Sunburn जैसे बड़े म्यूज़िक फेस्टिवल्स में अपनी शानदार परफॉर्मेंस के लिए पहचाने जाने वाले न्यूक्लिया ने अपने खास म्यूज़िकल अंदाज़ और विरासत के जरिए भारत के समकालीन इलेक्ट्रॉनिक म्यूज़िक परिदृश्य को लगातार प्रभावित किया है।
आगमन के अवसर पर ‘आला रे आला’ की यह खास झलक न्यूक्लिया के लिए एक भावनात्मक घर वापसी का प्रतीक भी है, जो मुंबई और यहां के लोकप्रिय गणेश उत्सवों के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दर्शाती है। इससे पहले भी न्यूक्लिया अपने संगीत के जरिए गणपति उत्सव की भावना का जश्न मना चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में गणपति विसर्जन के दौरान अपना चर्चित एल्बम ‘बेस रानी’ लॉन्च किया था।
‘आला रे आला’ के साथ न्यूक्लिया एक बार फिर अपनी खास संगीत शैली के जरिए इस उत्सव की ऊर्जा, भावनाओं और भव्यता को नमन करते हुए नजर आ रहे हैं। गाने की यह झलक गणेशोत्सव की पहचान बनने वाले जोश, उत्साह और जश्न के माहौल को दर्शाती है, जहां न्यूक्लिया का सिग्नेचर हाई-एनर्जी इलेक्ट्रॉनिक साउंड मुंबई के उत्सवी रंग और उमंग के साथ खूबसूरती से जुड़ता है।
न्यूक्लिया ने कहा, “गणपति उत्सव हमेशा से मेरे दिल के बेहद करीब रहा है। इस दौरान मुंबई की ऊर्जा किसी और चीज़ से बिल्कुल अलग होती है। यह लोगों, संगीत और जश्न को एक बेहद खूबसूरत तरीके से एक साथ लाती है। मैंने 2015 में गणपति विसर्जन के दौरान ‘बेस रानी’ लॉन्च किया था, इसलिए इस बार पावन आगमन के मौके पर ‘आला रे आला’ की झलक के साथ वापस आना मेरे लिए बेहद खास है।”
हालांकि, न्यूक्लिया के लिए भारत की उत्सवी संस्कृति से जुड़ाव केवल पारंपरिक मंचों पर परफॉर्म करने तक सीमित नहीं है। भविष्य की ओर देखते हुए, कलाकार अब इस अनुभव को सीधे उन इलाकों और समुदायों तक ले जाने की इच्छा रखते हैं, जो इन उत्सवों को जीवंत बनाते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “मैं इस तरह के और भी जश्न का हिस्सा बनना चाहता हूं। कुछ ऐसा, जैसे एक ‘गली सर्किट’, जहां मैं त्योहारों के मौसम में इस अनुभव को गलियों और मोहल्लों तक लेकर जाऊं। सिर्फ बड़े वेन्यू पर परफॉर्म करने के बजाय, संगीत और जश्न को उन लोगों और समुदायों के और करीब ले जाना चाहता हूं, जो इन शहरों को उनकी असली पहचान देते हैं।”
यह विचार न्यूक्लिया की उस व्यापक सोच को दर्शाता है, जिसके तहत वह अपने संगीत को पारंपरिक कॉन्सर्ट स्पेस से आगे ले जाकर उन समुदायों के बीच पहुंचाना चाहते हैं, जो भारत के सबसे जीवंत और रंगीन उत्सवों को प्रेरणा देते हैं। ‘आला रे आला’ के साथ वह एक बार फिर समकालीन इलेक्ट्रॉनिक साउंड को भारत की सांस्कृतिक धुनों के साथ जोड़ रहे हैं और साथ ही भविष्य में अधिक अंतरंग एवं समुदाय-केंद्रित उत्सवों का हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
‘आला रे आला’ की रिलीज़ को लेकर उत्सुकता बढ़ने के साथ, यह खास प्रस्तुति न्यूक्लिया के उस लंबे जुड़ाव को और मजबूत करती है, जिसमें उनका संगीत भारत के युवाओं, संस्कृति और उत्सवों की ऊर्जा से गहराई से जुड़ता है।
भारत के सबसे प्रभावशाली इलेक्ट्रॉनिक म्यूज़िक कलाकारों में से एक, न्यूक्लिया भारतीय लोक संगीत और पॉप-कल्चर के प्रभावों को ग्लोबल बेस म्यूज़िक के साथ अपने अनोखे अंदाज़ में मिलाने के लिए जाने जाते हैं। ‘कूचा मॉन्स्टर’, ‘बेस रानी’ और ‘राजा बाजा’ जैसे चर्चित म्यूज़िक प्रोजेक्ट्स से लेकर EDC Las Vegas, NH7 Weekender और Sunburn जैसे प्रमुख म्यूज़िक फेस्टिवल्स में परफॉर्मेंस तक, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है और अपने संगीत के जरिए भारत के समकालीन इलेक्ट्रॉनिक म्यूज़िक परिदृश्य को लगातार आकार दिया है।

