
एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ मशहूर वीडियो गेम फ्रेंचाइजी पर आधारित एक एक्शन फिल्म है। कहानी रयू (एंड्रयू कोजी) और केन मास्टर्स (नोआ सेंटीनियो) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं। इस मुकाबले के पीछे छिपी एक खतरनाक साजिश कहानी को आगे बढ़ाती है। फिल्म में मार्शल आर्ट्स, पुरानी दुश्मनी और जबरदस्त फाइट्स का भरपूर इस्तेमाल किया गया है।
एक्शन और कलाकारों की अदाकारी:
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके एक्शन सीक्वेंस, अनोखे फाइटिंग स्टाइल और वीडियो गेम जैसी रंगीन दुनिया है। एंड्रयू कोजी और नोआ सेंटीनियो अपने किरदारों के साथ अच्छा तालमेल बनाते हैं। वहीं जेसन मोमोआ और दूसरे कलाकार फिल्म को बड़े स्तर का एक्शन एंटरटेनमेंट बनाने में मदद करते हैं।
विद्युत जामवाल धालसिम के किरदार में भारतीय दर्शकों के लिए खास आकर्षण हैं। उनकी मार्शल आर्ट्स की क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस प्रभावित करती है, हालांकि उनके किरदार को और ज्यादा समय दिया जाता तो बेहतर होता।
निर्देशन:
निर्देशक किताओ सकुराई ने फिल्म में एक्शन, कॉमेडी और 90 के दशक की यादों को मिलाने की कोशिश की है। कई फाइट सीक्वेंस मनोरंजक हैं और हास्य के कुछ पल भी अच्छे लगते हैं। हालांकि, कहानी कई जगह बिखरी हुई महसूस होती है। जरूरत से ज्यादा किरदार और कमजोर कहानी का प्रवाह फिल्म के प्रभाव को कम करते हैं। कुछ दर्शकों को इसका अति-नाटकीय अंदाज पसंद आएगा, जबकि दूसरे इससे निराश हो सकते हैं।
फाइनल वर्डिक्ट:
‘स्ट्रीट फाइटर’ उन दर्शकों के लिए एक बार देखने लायक फिल्म है, जिन्हें मार्शल आर्ट्स, तेज रफ्तार एक्शन और वीडियो गेम जैसी दुनिया पसंद है। विद्युत जामवाल की मौजूदगी भारतीय दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाती है, लेकिन कमजोर कहानी इसे एक बेहतरीन एक्शन फिल्म बनने से रोकती है। अगर आप मजबूत कहानी की बजाय एक्शन और मनोरंजन के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो इसे मौका दे सकते हैं।
दैनिक सवेरा टाइम्स न्यूज़ मीडिया नेटवर्क इस फिल्म को 2 स्टार की रेटिंग देता है।
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