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सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव से संबंधित चैक-बाऊंस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चैक बाऊंस मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति नजमी वजीरी को मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह मामला फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजैक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लिए गए पांच करोड़ रुपए से जुड़ा है। कंपनी का आरोप है कि भुगतान के लिए दिए गए 1.05 करोड़ रुपए के सात चेक बाउंस हो गए। शिकायत के अनुसार, यादव, उनकी पत्नी और कंपनी ने ब्याज समेत करीब 11 करोड़ रुपए चुकाने पर सहमति जताई थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने दोनों पक्षों को मध्यस्थ से संपर्क करने का निर्देश दिया। अदालत ने निचली अदालत को यादव का पासपोर्ट लौटाने को भी कहा, ताकि वह पेशेवर काम कर सकें। विदेश यात्रा के लिए उन्हें अदालत की शर्तों का पालन करना होगा। यादव के वकील ने बताया कि अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दो करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। उन्होंने सात चेक बाउंस मामलों में दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई का अनुरोध किया।

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