नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमलों के कथित फर्जी वीडियो प्रसारित करने के 18 अलग-अलग अपराधिक मामलों का सामना कर रहे यूट्यूबर मनीष कश्यप की प्राथमिकियों को एक जगह स्थानांतरित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दर्ज मुकदमा हटाने की गुहार वाली उसकी याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और जे बी पारदीवाला की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कश्यप का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह से कहा,“आपके पास तमिलनाडु जैसा शांत राज्य है। आप उस राज्य में अशांति पैदा करने के लिए कुछ भी प्रसारित करते हैं।” मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली इस पीठ ने हालांकि, याचिकाकर्ता को इस मामले में निचली अदालत या उच्च न्यायालय में जाने की अनुमति दे दी।