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‘The Bhootnii’ Movie Review: शानदार निर्देशन के साथ एंटरटेनमेंट से भरपूर है… दर्शकों ने की बेहद पसंद

‘The Bhootnii’ Movie Review: मुंबई (फरीद शेख): अगर आप सोच रहे हैं कि ‘द भूतनी’ सिर्फ भूतों से डराने वाली कोई पुरानी टाइप की फिल्म है, तो रुकिए—इस बार मामला थोड़ा अलग है। फिल्म डराती तो है, लेकिन साथ में हंसी भी दिलाती है और कभी-कभी दिल भी छू जाती है।

कहानी शुरू होती है एक कॉलेज से, जहां हर साल वेलेंटाइन डे आते ही अजीब चीजें होने लगती हैं। वहां एक पेड़ है—”वर्जिन ट्री”—जो रहस्यों से भरा है। कहा जाता है कि उस पेड़ से एक आत्मा जुड़ी है, जिसे अपने अधूरे प्यार की तलाश है। और फिर शुरू होता है एक ऐसा सफर, जिसमें हर दिन कुछ नया, कुछ डरावना और कभी-कभी कुछ बहुत ही इमोशनल होता है।

-अब बात करते हैं एक्टिंग की

संजय दत्त ने “बाबा” के रोल में सच में जान डाल दी है। ना ज्यादा गंभीर, ना ही पूरी तरह मज़ाकिया—एकदम मस्त बैलेंस बनाया है उन्होंने। उनकी एंट्री से लेकर डायलॉग तक सबमें एक ठहराव और वजन दिखता है। सनी सिंह का किरदार भोला है, लेकिन बोर नहीं करता। उनकी टाइमिंग और एक्सप्रेशन बहुत फ्रेश लगते हैं।

पलक तिवारी का अभिनय भावनाओं से भरा है—उनके सीन्स में ताजगी के साथसाथ अलग गहराई दिखती है। मौनी रॉय, जो मोहब्बत की आत्मा का किरदार निभा रही है, उनके एक्सप्रेशंस डराने के साथ-साथ दर्द भी दिखाते हैं। डर और दर्द से भरी उनकी आंखों से एक अधूरी कहानी बयां होती है।

कॉमिक रिलीफ की ज़िम्मेदारी निभाई है निकुंज शर्मा (BeYouNick) और आसिफ खान ने। उनकी केमिस्ट्री मजेदार है और कई सीन तो ऐसे हैं जो थिएटर में तालियां दिला सकते हैं। संतोष नारायणन का संगीत फिल्म का असली मूड बनाता है। “आया रे बाबा” तो पूरे थिएटर को नचा देता है और “महाकाल महाकाली” में जो बीट्स हैं, वो सीधे रगों में दौड़ती हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी कमाल का है, एकदम सिचुएशन के हिसाब से।

VFX और स्पेशल इफेक्ट्स ओवर नहीं हैं। जितना ज़रूरी है, उतना ही दिखाया गया है—इससे सीन रियल लगते हैं। डायलॉग्स बेहतरीन है। हर सिचुएशन के हिसाब से डायलॉग्स का टोन एकदम फिट बैठता है। डायरेक्शन की बात करें, तो सिद्धांत सचदेव ने एक संतुलित फिल्म बनाई है। डर, हंसी और इमोशन को बैलेंस करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने ये अच्छे से कर दिखाया है। फिल्म का टेम्पो बना रहता है और कहानी बोर नहीं होने देती।  अंत में, ‘द भूतनी’ सिर्फ एक हॉरर-कॉमेडी नहीं है, ये एक इमोशनल जर्नी है। इसमें प्यार है, दर्द है, अधूरी ख्वाहिशें हैं और साथ में बाबा की एंट्री वाला मस्त अंदाज भी। ये फिल्म उन लोगों को जरूर देखनी चाहिए जो कुछ अलग, लेकिन एंटरटेनिंग देखना चाहते हैं।

-लिखित और निर्देशित: सिद्धांत सचदेव

कास्ट: संजय दत्त, मौनी रॉय, सनी सिंह, पलक तिवारी, निकुंज शर्मा, आसिफ खान और अन्य
अवधि: 2 घंटे 10 मिनट
रेटिंग: 4

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