एंटरटेनमेंट डेस्क : देश की मिट्टी और सपूतों की कहानियों को परदे पर उतारना आसान नहीं होता, लेकिन जब कोई कलाकार दिल से निभाए, तो वो कहानी हमेशा के लिए अमर हो जाती है। ऐसी ही एक फिल्म थी ‘मेजर’, जो आज अपनी रिलीज़ के तीन साल पूरे कर चुकी है। अदिवी शेष स्टारर इस बायोग्राफिकल एक्शन ड्रामा फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाई, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी एक अमिट छाप छोड़ी।
मेजर संदीप की ज़िंदगी से प्रेरित
2008 के मुंबई आतंकी हमलों में अपनी जान कुर्बान करने वाले राष्ट्रीय हीरो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन की ज़िंदगी पर आधारित इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। फिल्म में मेजर संदीप का किरदार निभाने वाले अदिवी शेष ने सिर्फ अभिनय नहीं किया, बल्कि पूरी भावनात्मक सच्चाई के साथ उस वीर जवान की आत्मा को परदे पर जीवंत किया। यही वजह है कि ‘मेजर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव बन गई।
अदिवी शेष का समर्पण
अभिनेता से लेखक बने अदिवी शेष ने इस फिल्म की पटकथा भी खुद ही लिखी थी। उन्होंने महीनों की रिसर्च और तैयारी के बाद इस किरदार को निभाया और उनकी मेहनत हर सीन में झलकती है। फिल्म में उनके प्रदर्शन की आलोचकों और दर्शकों दोनों ने भरपूर सराहना की। यह फिल्म साबित करती है कि जब एक कलाकार कहानी को महसूस करता है, तो वह परदे पर जादू रच देता है।
भावनाओं से भरी शानदार फिल्म
‘मेजर’ का निर्देशन किया था शशि किरण टिक्का ने और इसमें प्रकाश राज, रेवती, शोभिता धुलिपाला, सई मांजरेकर, मुरली शर्मा जैसे अनुभवी कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म का हर दृश्य, संवाद और संगीत दर्शकों की भावनाओं को छू गया। फिल्म ने दर्शकों को मेजर संदीप की बहादुरी, उनकी सोच और देशभक्ति से रूबरू कराया और वो भी बेहद ईमानदारी के साथ।
ग्लोबल पहचान और दर्शकों की सराहना
करीब ₹65 करोड़ की वैश्विक कमाई करने वाली ‘मेजर’ न केवल तेलुगू सिनेमा की बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हुई, बल्कि इसके हिंदी और मलयालम वर्ज़न को भी भरपूर सराहना मिली। OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होने के बाद इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का भी दिल जीत लिया। विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने भी इसे भावनात्मक और प्रेरणादायक करार दिया।
परिवार की आंखों से देखी गई सच्चाई
फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि रही मेजर संदीप के माता-पिता की प्रतिक्रिया। उनके पिता ने खुद फिल्म देखकर कहा, “यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि हमारी असल ज़िंदगी का प्रतिबिंब है। अदिवी और उनकी टीम ने जो संवेदनशीलता और ईमानदारी दिखाई, वह अद्भुत है। हमें गर्व है कि हमारे बेटे की कहानी को इतनी गरिमा और सम्मान के साथ दिखाया गया।”
तीन साल बाद भी कायम है असर
‘मेजर’ आज भी दर्शकों के लिए सिर्फ एक थ्रिलर या एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। यह फिल्म बताती है कि असली हीरो वो होते हैं, जो देश के लिए अपनी जान भी हंसते-हंसते कुर्बान कर देते हैं। तीन साल बीत जाने के बावजूद ‘मेजर’ आज भी दर्शकों के ज़ेहन में उसी जज़्बे के साथ ज़िंदा है।
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