एंटरटेनमेंट डेस्क(फरीद शेख): फिल्म शुरुआत से ही तेज़ रफ्तार पकड़ लेती है और कॉमेडी, हॉरर व इमोशन का अच्छा बैलेंस बनाए रखती है। कई सीन्स आपको हंसाते हैं तो कुछ पल सच में सस्पेंस और डर का एहसास कराते हैं। युवाओं की दोस्ती, पागलपन और सर्वाइवल की जंग कहानी को और दिलचस्प बनाती है।
अगर आप ऐसी फिल्म की तलाश में हैं जो हॉरर, कॉमेडी और कॉलेज लाइफ को एक साथ जोड़कर पूरी तरह एंटरटेन करे, तो Indian Institute of Zombies आपको शुरुआत से ही अपनी दुनिया में खींच लेती है। फिल्म का कॉन्सेप्ट बेहद फ्रेश और मजेदार है एक इंजीनियरिंग कॉलेज, जहां अचानक फैल जाता है ज़ॉम्बी वायरस, और फिर शुरू होती है डर, दोस्ती, मस्ती और सर्वाइवल की ऐसी रोलरकोस्टर राइड जो दर्शकों को लगातार बांधे रखती है।
फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसकी युवा ऊर्जा और अनोखा प्रेजेंटेशन है। कैंपस लाइफ की हल्की-फुल्की मस्ती, बैकबेंचर्स का बिंदास अंदाज़ और ज़ॉम्बी अटैक का पागलपन मिलकर इसे एक अलग ही फ्लेवर देते हैं। कई सीन्स में कॉमेडी इतनी नेचुरल लगती है कि हंसी अपने आप निकल जाती है, वहीं कुछ मोमेंट्स अचानक डर का एहसास भी करा देते हैं।
कलाकारों ने अपने किरदारों में अच्छी ऊर्जा डाली है और फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर माहौल को और प्रभावी बनाता है। निर्देशन में भी फ्रेशनेस महसूस होती है, जिससे फिल्म सिर्फ एक साधारण ज़ॉम्बी ड्रामा बनकर नहीं रह जाती।
फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आज की कॉलेज कल्चर और युवाओं की सोच पर हल्का-फुल्का सोशल सटायर भी करती है, जो कहानी को और दिलचस्प बना देता है। Anupriya Goenka अपने किरदार में दमदार स्क्रीन प्रेजेंस छोड़ती हैं, जबकि Jesse Lever अपनी कॉमिक टाइमिंग और एनर्जी से कई सीन्स को बेहद एंटरटेनिंग बना देते हैं।
“Indian Institute of Zombies”( I I Z) एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आती है जो पूरी तरह लॉजिक पर नहीं, बल्कि फन, कैओस और एंटरटेनमेंट पर भरोसा करती है और यही इसकी सबसे बड़ी जीत है। अगर आप कुछ नया, मजेदार और पूरा एंटरटेनिंग देखना चाहते हैं, तो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ज़ॉम्बीज़ आपको शुरू से आखिर तक हंसाने और चौंकाने वाली एक शानदार सिनेमाई राइड दे सकती है।
दैनिक सवेरा टाइम्स न्यूज़ मीडिया नेटवर्क इस फिल्म को 3.5 स्टार रेटिंग देती है। ⭐⭐⭐½

