एंटरटेनमेंट डेस्क: पुराने हिंदी गानों की बात ही कुछ और थी। धुनों में एक अलग सी गर्माहट होती थी, रोमांस बिल्कुल नेचुरल लगता था और हर फ्रेम में अपना एक अलग चार्म होता था। इसी पुराने जादू को आज के दौर के टच के साथ वापस लेकर आया है अपकमिंग फिल्म ‘द मशरूम्स’ का नया ओरिजिनल हिंदी रेट्रो सॉन्ग ‘कैसी है ये शाम आज की’।
डायरेक्टर श्रीजा बरुआ नलावड़े के निर्देशन में बने इस गाने में अनुष्का कौशिक और अभिजीत नलावड़े नजर आ रहे हैं। दोनों पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। अभिजीत एक जाने-माने थिएटर एक्टर हैं और मराठी फिल्मों के साथ-साथ वेबसीरीज़ में भी अपने काम के लिए पहचाने जाते हैं। इस फ्रेश रेट्रो नंबर को तरन्नुम मलिक जैन ने अपनी आवाज दी है, जबकि म्यूजिक जाने-माने म्यूजिक डायरेक्टर परेश शाह ने कंपोज किया है।
क्लासिक हिंदी सिनेमा के साउंड और विजुअल लैंग्वेज से इंस्पायर्ड ‘कैसी है ये शाम आज की’ उस दौर की याद दिलाता है, जब गाने सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं होते थे, बल्कि एक ऐसा इमोशन होते थे जो फिल्म खत्म होने के बाद भी दिल में बना रहता था।
ये ट्रैक विंटेज बॉलीवुड के रोमांस, ग्लैमर और नॉस्टैल्जिया को आज की फ्रेश सिनेमैटिक फील के साथ मिक्स करता है। कोशिश सिर्फ पुराने दौर की नकल करने की नहीं, बल्कि उस खूबसूरत ओल्ड-वर्ल्ड फीलिंग को आज के ऑडियंस के लिए एक नई पहचान के साथ पेश करने की है।
गाने और इसकी इंस्पिरेशन के बारे में बात करते हुए डायरेक्टर श्रीजा बरुआ नलावड़े कहती हैं,“मैं हमेशा से पुराने हिंदी सिनेमा की ईमानदारी और सादगी की तरफ आकर्षित रही हूं। रोमांस, म्यूजिक और इमोशन्स को जिस खूबसूरत मासूमियत के साथ पेश किया जाता था, उसमें एक अलग ही जादू था।
‘कैसी है ये शाम आज की’ के जरिए मैं उसी एहसास को कैप्चर करके ‘द मशरूम्स’ की दुनिया में लाना चाहती थी। इस गाने की रूह में नॉस्टैल्जिया जरूर है, लेकिन इसका मकसद इसे बीते दौर की कोई चीज जैसा महसूस कराना नहीं है। ये हमारा तरीका है उस टाइमलेस इमोशन को आज के ऑडियंस से कनेक्ट करने का।”
‘द मशरूम्स’ को श्रीजा बरुआ नलावड़े और अभिजीत नलावड़े ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म लसाकी मीडियावर्क्स द्वारा प्रस्तुत है। फिल्म की ओरिजिनल स्टोरी और स्क्रीनप्ले श्रीजा बरुआ नलावड़े और अभिजीत नलावड़े ने लिखा है।