
एंटरटेनमेंट डेस्क: धुरंधर: द रिवेंज (धुरंधर 2) एक ऐसी फिल्म है जो एक आम लड़के जसकीरत सिंह रंगी की दर्दनाक जिंदगी और उसके खतरनाक सफर को दिखाती है। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने जसकीरत और हमजा अली मजारी का किरदार निभाया है।
यह भी पढ़ें- Dhurandhar 2 BO Day 1: रणवीर सिंह की फिल्म ने रचा इतिहास, बनी बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनर
जसकीरत 21 साल का एक साधारण युवक था, जो भारतीय सेना में भर्ती होना चाहता था। वह अपने परिवार के साथ पठानकोट में रहता था। उसके पिता सेना में अधिकारी थे। लेकिन उसकी जिंदगी अचानक बदल गई जब जमीन और पैसों के विवाद में उसके पिता की हत्या कर दी गई। उसकी एक बहन के साथ दरिंदगी के बाद हत्या कर दी गई। दूसरी बहन के साथ भी अत्याचार हुआ। ये सब एक प्रभावशाली विधायक के परिवार ने किया, और उनकी ताकत के कारण उन्हें सजा नहीं मिली। इस घटना के बाद जसकीरत का कानून पर से भरोसा उठ गया और उसने खुद बदला लेने का फैसला किया।

जसकीरत ने अपने एक दोस्त की मदद से हथियार जुटाए और एक रात विधायक के घर पर हमला कर दिया। उसने 12 लोगों की हत्या कर दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने उसे मौत की सजा सुनाई। यहीं से उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आता है।
जेल में उसकी मुलाकात एक RAW अधिकारी अजय सान्याल (आर माधवन द्वारा निभाया गया किरदार) से होती है। अजय उसे एक खास मिशन के लिए चुनता है। उसे जेल से निकालकर ट्रेनिंग दी जाती है। उसे एक नई पहचान दी जाती है हमजा अली मजारी। यहीं से वह एक खतरनाक जासूस बन जाता है।
पहली फिल्म में दिखाया गया है कि हमजा पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी संगठनों में शामिल होता है। अंदर से जानकारी जुटाता है। देश के लिए अपनी जान जोखिम में डालता है।

फिल्म के अंत में हमजा अपना मिशन पूरा कर भारत लौट आता है। वह अपनी असली पहचान (जसकीरत) में वापस आता है। अपनी मां और परिवार को देखने जाता है, लेकिन…वह उनसे मिले बिना ही लौट जाता है क्योंकि उसके लिए वह बहुत पहले ही “मर चुका” होता है। अंत में उसे फिर से ट्रेनिंग करते हुए दिखाया जाता है, जो यह बताता है कि उसका जीवन अब पूरी तरह देश को समर्पित हो चुका है।
यह कहानी सिर्फ बदले की नहीं है, बल्कि दर्द और अन्याय, परिवार की त्रासदी और देश के लिए बलिदान। फिल्म का मुख्य संदेश है, “बलिदान ही सबसे बड़ा धर्म है”।
मेष: दिन शुभ रहेगा...