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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: टाइगर श्रॉफ पर हमले की वजह आई सामने, मुंबई पुलिस ने खोले राज

Tiger Shroff firing case

Tiger Shroff firing case

Tiger Shroff firing case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित रूप से वसूली, वर्चस्व और लोगों में दहशत पैदा करने के उद्देश्य से हमला हुआ था। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में टाइगर पर हमले के पीछे की आधिकारिक वजह की पुष्टि हो गई है।

मुंबई पुलिस ने बयान में टाइगर श्रॉफ पर हमले की जांच के दौरान आरोपियों के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा किया है। क्राइम ब्रांच ने पुष्टि की है कि पैसों की वसूली, गैंग का वर्चस्व स्थापित करने और लोगों में दहशत पैदा करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया था।

आर्थिक लाभ हासिल करने के इरादे से किया हमला
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी एक संगठित अपराध गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत अवैध और घातक हथियारों का इस्तेमाल कर अभिनेता टाइगर को निशाना बनाया।

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अधिकारियों ने यह भी बताया कि आर्थिक लाभ हासिल करने और अपना वर्चस्व स्थापित करने के साथ-साथ समाज में दहशत फैलाने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए साजिश रची।

बाल-बाल बचे थे टाइगर श्रॉफ
बता दें कि 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ इलाके के जुहू इलाके में हमला हुआ था। जब उनकी कार एक फुटबॉल ग्राउंड के परिसर से बाहर निकल रही थी, उसी समय हमलावरों ने उनकी कार पर कई राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए। उन्हें कोई गोली नहीं लगी, लेकिन कांच के टुकड़ों से उनके हाथ और छाती पर हल्की चोटें आईं। हालांकि, इस गोलीबारी में टाइगर श्रॉफ का ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।

बता दें कि इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह सामने आया कि 11 में से 8 सीधे तौर पर मुख्य आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में थे। अनिल पंडित अभी भी फरार है।

कोटा से तीनों गिरफ्तार किए थे 3 शूटर
शुरुआत में राजस्थान के कोटा से तीनों शूटर गिरफ्तार किए गए। इसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल ने राजधानी क्षेत्र से चार आरोपियों (कुणाल, सुमित, राधा और बबिता) को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने हरियाणा के सोनीपत से तीन और आरोपियों को पकड़ा। वहीं, 11वें आरोपी के तौर पर प्रांजल ठाकुर को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया।

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