Dainik Savera Times

World Elephant Day पर वंतारा की बड़ी पहल, हाथियों के लिए दुनियाभर में काम का बढ़ाया दायरा

मुंबई: वंतारा द्वारा बचाई गई पहली हथिनी ‘गौरी’ से शुरू हुई यह पहल अब हाथियों की भलाई को बेहतर बनाने, उनकी देखभाल करने वालों की मदद करने, जानकारी का आदान-प्रदान करने और भारत व दुनिया भर में हाथियों के संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने के एक बड़े मिशन में बदल गई है।

जामनगर, 12 अगस्त 2026 – अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वंतारा ने आज विश्व हाथी दिवस के मौके पर हाथियों की भलाई, संरक्षण शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में अपने चल रहे कामों को उजागर किया। यह भारत और दुनिया भर में हाथियों की सुरक्षा और भलाई को मजबूत करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

260 से ज़्यादा एशियाई हाथियों का घर, वंतारा हाथियों की भलाई के लिए दुनिया के प्रमुख केंद्रों में से एक बन गया है। वंतारा की कहानी में हाथियों का एक खास स्थान है और यह बचाए गए जानवरों को विशेष देखभाल और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की उसकी व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनंत अंबानी द्वारा बचाई गई पहली हथिनी गौरी ने उस यात्रा की शुरुआत की थी जो अब वंतारा के रूप में विकसित हो गई है।

वंतारा के संस्थापक अनंत अंबानी ने कहा: “हाथियों का मेरे दिल और वंतारा की यात्रा में हमेशा से बहुत खास स्थान रहा है। हम जिन भी हाथियों की देखभाल करते हैं, उनमें से हर एक की अपनी अनूठी कहानी है, और हर बचाव अभियान हमें उनकी भलाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

गौरी को बचाने से जो शुरुआत हुई थी, वह अब हाथियों की भलाई को बेहतर बनाने, उनकी देखभाल करने वाले लोगों का समर्थन करने, भागीदारों के साथ ज्ञान और सीख साझा करने और भारत व दुनिया भर में हाथियों के संरक्षण में योगदान देने की एक व्यापक प्रतिबद्धता में बदल गई है। विश्व हाथी दिवस पर, हम इन शानदार जानवरों का जश्न मनाते हैं और उनके लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।”

जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की भलाई को मजबूत करना

विश्व हाथी दिवस के अवसर पर, राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा ने जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की देखभाल और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए वंतारा के साथ सहयोग की घोषणा की।

इस पहल में हाथियों के इलाज और देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधा शामिल होगी, जिसमें एक एडवांस्ड अस्पताल, पोषण केंद्र और हाइड्रोथेरेपी सुविधा के साथ-साथ बुजुर्ग हाथियों के लिए एक समर्पित रिटायरमेंट और देखभाल केंद्र भी होगा। राजस्थान वन विभाग और वंतारा के अनुभव को मिलाकर, यह सहयोग हाथियों की ज़िंदगी के हर पड़ाव पर उनकी मदद करेगा।

इससे उनकी ज़रूरतों को बेहतर ढंग से समझने और पूरा करने में मदद मिलेगी, और साथ ही हाथी गाँव के हाथियों के लिए एक खुशहाल, आरामदायक और दयापूर्ण भविष्य बनाया जा सकेगा।

राष्ट्रीय हाथी कल्याण आउटरीच कार्यक्रम

वंतारा ने हाल ही में असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में आठ जगहों पर राज्य वन विभागों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर हाथी कल्याण आउटरीच कार्यक्रम पूरा किया है।

Exit mobile version