Site icon Dainik Savera Times

Web Series Review Murshid : ‘सरताज-ए-बम्बई ‘ मुर्शिद पठान के गुनाहों की बनती बिगड़ती दुनिया की कहानी

जब से फिल्मी दुनिया में वेब सीरीज के बाजार ने कदम रखा है तब से दर्शकों का थिएटर उनके मोबाईल तक पहुँच गया है। पिछले कुछ सालों से मनोरंजन की दुनिया में ओटीटी प्लैटफॉर्म्स ने दर्शकों के लिए क्राइम, सस्पेंस, थ्रिल और ड्रामा से भरपूर वेब सीरीज और फ़िल्में परोस कर तहलका मचा दिया है। इसी कड़ी में ज़ी5 पर 30 अगस्त से स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज “मुर्शिद” दर्शकों के मन मस्तिष्क पर एक अलग ही छाप छोड़ती है।

‘मुंबई अंडरवर्ल्ड’ बॉलीवुड का पसंदीदा टॉपिक रहा है। इस विषय पर काफी फ़िल्में और सीरीज पहले भी बन चुकी हैं और कई सारे एक्टर्स ने अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर्स की भूमिका भी निभाई है। लेकिन दिग्गज अभिनेता केके मेनन जितने सहज हो कर और निपुणता के साथ इस सीरीज में अपना किरदार निभाते हैं वो अन्डवर्ल्ड और गैंगस्टर्स का एक अलग ही यूनवर्स क्रीऐट कर देता है।

अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर्स की दुनिया की सैर कराने वाली ये सीरीज अपनी अभिनय की जादूगरी का लोहा मनवाने वाले केके मेनन और अपेक्षाकृत नए लेकिन प्रतिभावान एक्टर तनुज विरवानी जैसे कलाकारों से सजी है। इसके निर्देशक श्रवण तिवारी अपने पसंदीदा जॉनर अंडरवर्ल्ड पर पहले भी फ़िल्में बना चुके हैं लेकिन इस सीरीज मे वो कुछ नया ही दिखने वाले हैं।

बात करें सीरीज की कहानी की तो ये 20 साल तक बम्बई पर राज करने वाले माफिया डॉन मुर्शिद पठान की थ्रिलिंग लाइफ को केंद्र में रखकर कही गयी है। सीरीज में 90 के दशक से 2021 तक के मुर्शिद के जीवन में घटित घटनाओं को दिखाया गया है। सीरीज के पहले हिस्से मे मुर्शिद को मजबूत इरादों वाला और और अपनी बातों पर खरा उतरने वाले इंसान के रूप मे दिखाया गया है जब वो अपने दोस्त को दिए वादे को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक चल जाता है।

सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे माफिया डॉन मुर्शिद एक खास वजह से हथियार चलना छोड़ देता है लेकिन उसके दोस्त से दुश्मन बने फरीद (ज़ाकिर हुसैन) ने उसके परिवार पर हमला कर के एक बार फिर उसे हथियार उठाने पर मजबूर कर दिया ।

मुर्शिद का दत्तक पुत्र है पुलिस इंस्पेक्टर कुमार प्रताप(तनुज विरवानी), जो कि मुर्शिद को अपने पिता जैसा ही सम्मान देता है लेकिन एक दिन मुर्शिद ने कुमार के सामने इस राज से पर्दा उठा दिया कि उसके पिता पर गोली किसी और ने नहीं बल्कि खुद मुर्शिद ने चलाई थी । मुर्शिद द्वारा किया गया यह खुलासा कहानी को एक रोमांचक मोड़ देता है।

अभिनय की बात करें तो शानदार और संजीदा एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले केके मेनन ने सरताज-ए-बम्बई उर्फ़ मुर्शिद पठान की मुख्य भूमिका निभाई है। इस सीरीज में भी केके की गहरी आवाज और मिस्टीरियस आँखों ने किरदार को और भी रोचक बना दिया है। उनकी डायलाग डिलीवरी के हम सभी कायल हैं। वो अपने करैक्टर का रोले प्ले नहीं करते बल्कि वो उसे जीते हैं।

“चेहरे की झुर्रियों पे मत जा, मिटा के रख दूंगा” केके ये डायलाग इतनी शिद्दत और संजीदगी से बोलते हैं कि लगने लगता है वो सच में ऐसा कर देंगे. इन्स्पेक्टर के रोल मे तनुज विरवानी शानदार दिख रहे हैं, जैसे जैसे उनका ऐक्टिंग कैरियर आगे बढ़ रहा है उनकी ऐक्टिंग में भी निखार आता जा रहा है । अन्य प्रमुख अभिनेताओं की बात करें तो राजेश श्रृंगारपुरे, जाकिर हुसैन, अनंग देसाई ने भी अपने किरदाओ के साथ पूरा इंसाफ किया हैं।

यहाँ पर लेखक निर्देशक श्रवण तिवारी की भी तारीफ करनी होगी कि उन्होंने अपने अनुभव और प्रतिभा का लाभ उठाते हुए कमाल का डायरेक्शन किया है और छोटी छोटी बारीकियों मसलन अंडरवर्ल्ड का माहौल, भाषा और बॉडी लैंग्वेज अदि का बखूबी ख्याल रखा है। शार्प एडिटिंग और सीन के साथ मैच करता बैकग्राउंड म्यूजिक दर्शकों को बांध के रखता है। इसमें कुछ अच्छे गाने भी हैं जो कहानी को रफ़्तार देते हैं।

नब्बे के दशक के बम्बई के अंडरवर्ल्ड की काली दुनिया को दिखते हुए 30 सालों का सफर तय करके 2021 के आज के मुंबई को दर्शाती ये सीरीज क्राइम, थ्रिल, सस्पेंस, रोमांच से पैक्ड होने के साथ ही केके मेनन के मुर्शिद के किरदार में अपनी बेजोड़ अदाकारी से सम्मोहित कर लेने की क्षमता के कारण ये एक मस्ट वाच वेब सीरीज है।

Exit mobile version