स्थानीय समयानुसार 13 फरवरी को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने लंदन में ब्रिटिश विदेश सचिव डेविड लैमी के साथ 10वीं चीन-ब्रिटेन रणनीतिक वार्ता की।
वांग यी ने कहा कि पिछले नवंबर में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच सफल बैठक हुई, जिससे चीन-ब्रिटेन सम्बंधों के सुधार और विकास के लिए दिशा स्पष्ट हुई और प्रेरणा मिली। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और संस्थागत वार्ता क्रमिक रूप से फिर से शुरू हो गई है और सहयोग के परिणाम धीरे-धीरे सामने आए हैं, जिससे समाज के सभी क्षेत्रों का विश्वास बढ़ा है और दुनिया को सकारात्मक संकेत भेजा गया है। तथ्यों से यह साबित हुआ है कि चीन और ब्रिटेन के बीच वार्ता और सहयोग को मजबूत करना सही विकल्प है, जो दोनों पक्षों के हित में है और विश्व के रुझान के अनुरूप है। चीन और ब्रिटेन की व्यवस्थाएं, इतिहास और संस्कृतियां अलग-अलग हैं। कुछ मतभेद और असहमति होना सामान्य बात है।
मुख्य बात यह है कि वस्तुनिष्ठ और तर्कसंगत समझ स्थापित की जाए और आपसी सम्मान के आधार पर संवाद और संचार को मजबूत किया जाए। चीन ब्रिटेन को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के नेताओं द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सहमतियों को लागू करने, द्विपक्षीय सम्बंधों के स्थिरीकरण और सुधार की प्रवृत्ति को मजबूत करने, अगले चरण के लिए उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की योजना बनाने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने और नए साल में द्विपक्षीय सम्बंधों में नए विकास को बढ़ावा देने को तैयार है।
वांग यी ने कहा कि इस वर्ष जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ है, साथ ही संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ भी है।
चीन और ब्रिटेन दोनों ही सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं। वर्तमान परिस्थितियों में, उन्हें प्रमुख देशों के रूप में अपनी जिम्मेदारी का प्रदर्शन करना चाहिए, बहुपक्षवाद का अभ्यास करना चाहिए, मुक्त व्यापार का समर्थन करना चाहिए, अहम मुद्दों के राजनीतिक समाधान और संयुक्त रूप से विश्व शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना चाहिए।
लैमी ने कहा कि ब्रिटेन-चीन सम्बंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और वैश्विक शक्तियों के रूप में, ब्रिटेन और चीन के लिए रणनीतिक संचार को मजबूत करना और संयुक्त रूप से वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना आवश्यक है। पिछले वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री स्टारमर की राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ सफल बैठक के बाद, ब्रिटेन और चीन ने वित्त और अन्य क्षेत्रों में बातचीत और सहयोग में सकारात्मक प्रगति की है। ब्रिटेन चीन के साथ दीर्घकालिक, स्थिर, परिपक्व और मजबूत सम्बंध विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और चीन के साथ उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को मजबूत करने, विभिन्न क्षेत्रों में रचनात्मक वार्ता और व्यावहारिक सहयोग करने को तैयार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

