चीन की सबसे प्रतिष्ठित और बड़े पैमाने पर आयोजित व्यापार मेला, विश्व के सबसे बड़े व्यापारिक मेलों में शुमार, 138वें चीन आयात और निर्यात मेले (कैंटन फेयर) का आगाज 15 अक्टूबर से यहाँ क्वांग च्यो में हो रहा है। यह महाकुम्भ 4 नवंबर तक चलेगा और वैश्विक व्यापार जगत में एक नई रफ्तार लाने की उम्मीद की जा रही है। कैंटन फेयर 2025 में उत्पादों को 13 प्रमुख श्रेणियों और 55 उपश्रेणियों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे खरीदारों को उनकी ज़रूरत के अनुसार व्यापक विकल्प मिल सकें। इस वर्ष विशेष रूप से औद्योगिक स्वचालन, स्मार्ट निर्माण, और ऊर्जा प्रौद्योगिकी पर ध्यान दिया जाएगा। प्रदर्शन सूची इस तरह डिजाइन की गयी है कि खरीदार विभिन्न उत्पाद श्रेणियों के अनुसार प्रदर्शक खोज सकें।
इस वर्ष, मेले की वैश्विक प्रचार रणनीति को और व्यापक बनाया गया है। जुलाई से सितंबर 2025 के बीच मेले की जानकारी देने के लिए दस देशों में रोडशो आयोजित किए गए, जिनमें जापान, कजाखस्तान, मंगोलिया, उज्बेकिस्तान, थाईलैंड, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। इस कदम का मकसद अधिक विदेशी खरीदारों और निवेशकों को आकर्षित करना है और मेले की अंतरराष्ट्रीय पहुँच को बढ़ाना है।
मेले का चरणबद्ध कार्यक्रम:
AI और हरित प्रौद्योगिकी पर होगा विशेष जोर
इस वर्ष के फेयर की थीम “नवाचार और टिकाऊ विकास के माध्यम से वैश्विक व्यापार को गति देना” रखी गई है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का अनुमान है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस उत्पाद, हरित ऊर्जा समाधान और इलेक्ट्रिक वाहनों के कॉम्पोनेंट्स इस बार के मेले के मुख्य आकर्षण होंगे। चीनी निर्माता अपनी तकनीकी कुशलता का प्रदर्शन करते हुए अधिक स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद पेश करेंगे।
हाइब्रिड फॉर्मेट में और मजबूत होगी मेले की पहुंच
महामारी के बाद सफल रहे हाइब्रिड मॉडल को इस बार और अधिक बेहतर बनाया गया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस बार वर्चुअल रियलिटी (VR) शोरूम और लाइव-स्ट्रीमिंग के जरिए उत्पाद प्रदर्शन की और बेहतर सुविधा होगी, जिससे दुनिया के कोने-कोने से खरीदार वास्तविक समय में जुड़ सकेंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यों से रिकॉर्ड संख्या में खरीदार भाग लेंगे।
भारतीय व्यापारी दलों की बढ़ी हुई भागीदारी की उम्मीद
भारत-चीन व्यापार संबंधों में नई गतिशीलता के मद्देनजर, इस बार भारतीय व्यापारिक दलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। भारतीय आयातक मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट, फार्मास्यूटिकल रॉ मटीरियल, टेलीकॉम उपकरण और कंज्यूमर गुड्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। व्यापार मंडलों के लिए विशेष रूप से आयोजित B2B बैठकों को इस साल और विस्तारित किया गया है।
भारतीय व्यापारियों के लिए यह मेला एक महत्वपूर्ण अवसर है। भारत से सहभागिता को सुविधाजनक करने हेतु मेले आयोजकों और भारतीय व्यापार निकायों के बीच समन्वय बढ़ाने की चर्चा चल रही है। मेला आयोजनकर्ता पहले से ही विदेशी खरीदारों की पूर्व पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ कर चुके हैं और विदेशी व्यापारियों को निमंत्रण आमंत्रण पत्र (Invitation Letter) प्रदान किया जाएगा।
एक वरिष्ठ वाणिज्यिक विश्लेषक ने कहा, “कैंटन फेयर 2025 वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और नई तकनीकों से रूबरू होने का एक अहम मौका है। भारतीय कारोबारियों के लिए यह चीनी निर्माण क्षमता को समझने और सही साझेदारी तलाशने का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बना हुआ है।”
चुनौतियाँ एवं अवसर
वैश्विक व्यापार पर अस्थिर आर्थिक स्थितियाँ, रसद लागतों में वृद्धि, और निर्यात पर सीमाएँ जैसे मुद्दे मेला आयोजकों और व्यापारियों दोनों के लिए चुनौती बन सकती हैं। उदाहरण स्वरूप, 137वें कैंटन फेयर में अमेरिकी-चीन व्यापार तनाव और नए शुल्कों के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान देखा गया था। फिर भी, इस 138वें संस्करण में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का समावेश और हाइब्रिड (ऑनलाइन + ऑफलाइन) मॉडल के प्रयोग से व्यापारियों को अधिक लचीलापन मिलेगा।
138वाँ कैंटन फेयर 2025 नए वैश्विक व्यापार परिदृश्यों में भारत सहित विकासशील और उभरते बाजारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ रहा है। उद्योग जगत के लिए यह मेला नए साझेदार खोजने, नया उत्पाद लाइनअप देखने और आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करने का सुनहरा मंच साबित हो सकता है। इस वर्ष का कैंटन फेयर न केवल व्यापारिक सौदों का केंद्र बनेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा का एक प्रमुख संकेतक भी साबित होगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)