इंटरनेशनल डेस्क : 2025 में चीन और नेपाल के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, 26 अप्रैल से 7 मई तक शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में एक विशेष चीन-नेपाल मैत्री पर्वतारोहण एवं अन्वेषण आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह आयोजन द्विपक्षीय संबंधों को गहराई देने और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊर्जा प्रदान करने के उद्देश्य से शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के खेल महासंघ और नेपाल पर्वतारोहण संघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इसमें शीत्सांग पर्वतारोहण टीम ने मुख्य आयोजक की भूमिका निभाई, जबकि शीत्सांग पर्वतारोहण संघ ने सह-आयोजन में सहयोग दिया।
यह गतिविधि 2025 में होने वाली 22वीं चीन शीत्सांग पर्वतारोहण महासभा का एक प्रमुख हिस्सा थी, जिसका मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के बीच पर्वतारोहण संस्कृति के आदान-प्रदान को मजबूत करना, “कठिनाइयों से निडर, दृढ़ संघर्ष, एकता और सहयोग, तथा बहादुरी से शीर्ष पर चढ़ने” की भावना को बढ़ावा देना, और शीत्सांग के पर्वतारोहण ब्रांड को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना रहा। साथ ही, इस आयोजन के जरिए राष्ट्रीय आउटडोर खेलों के विकास, पठार-विशिष्ट खेल संस्कृति के प्रसार, और शीत्सांग जैसे क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देने की रणनीति पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान चीनी और नेपाली पर्वतारोहियों ने संयुक्त रूप से उच्च ऊंचाई वाले पर्वतारोहण बचाव अभ्यासों में हिस्सा लिया तथा माउंट लोडू पर सफल चढ़ाई का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने शीत्सांग पर्वतारोहण विकास प्रदर्शनी हॉल का दौरा किया, जहाँ पर्वतारोहण से जुड़े ऐतिहासिक और तकनीकी पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। चीन-नेपाल पर्वतारोहण आउटडोर खेल सांस्कृतिक आदान-प्रदान सम्मेलन और सांस्कृतिक मैत्री सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों में दोनों पक्षों ने भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तैयार की।
इसी कड़ी में, प्रतिभागी चीन-नेपाल पर्वतारोहण गाइड सहयोग विनिमय सम्मेलन के लिए चुमुलांमा शिखर (माउंट एवरेस्ट) के बेस कैंप का भी दौरा करेंग। इस ऐतिहासिक आयोजन में दोनों देशों के 30 से अधिक खेल आयोजकों, पेशेवर पर्वतारोहियों और पर्वतारोहण उत्साहियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में नई गतिशीलता का संचार हुआ।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

