सोमवार रात को आयोजित चाइना मीडिया ग्रुप यानी सीएमजी के 2026 स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में चीन निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोटों ने एक बार फिर मंच पर दमदार प्रदर्शन किया। इन रोबोटों का शानदार प्रदर्शन सीएमजी के अधीनस्थ चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (सीजीटीएन) के गाला प्रसारण और समाचार रिपोर्टों के माध्यम से विदेशों में व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिससे वैश्विक दर्शकों के बीच चर्चा और उत्सुकता पैदा हुई।
इस वर्ष के गाला में यूनिट्री रोबोटिक्स, मैजिक एटम, गैलेक्सी जनरल रोबोटिक्स और सोंगयान डायनेमिक्स की चार कंपनियों के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मंच साझा किया। इन रोबोटों ने न केवल तलवारबाजी, ड्रंकन फिस्ट और ननचाकू का प्रदर्शन किया, बल्कि भाषाई कार्यक्रमों में संवाद अदायगी, कपड़े तह करने और अभिनय जैसे कार्य भी किए। इनके वीडियो क्लिप कुछ ही घंटों में विदेशी प्लेटफार्मों पर वायरल हो गए।
2025 में वुशू टेक्नोलॉजी के ह्यूमनॉइड रोबोट ने पारंपरिक चीनी वेशभूषा में यांगगे नृत्य करके इंटरनेट पर धूम मचा दी थी। 2026 में इन रोबोटों ने और अधिक उन्नत कौशल और जटिल प्रदर्शन किए – टेबल पर कलाबाजी, ऊंची उड़ान, हवा में बड़े घुमाव, तलवार और ननचाकू के साथ मार्शल आर्ट के करतब। 1.8 मीटर ऊंचे H2 रोबोट के तलवार प्रदर्शन ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
विदेशी टेक्नोलॉजी सर्कल में इसने हलचल मचा दी। टेक अकाउंट साइबररोबो ने इसे ‘बिल्कुल पागलपन’ बताया। रेडिट टेक ब्लॉगर ओवेन लुईस ने कहा कि रोबोट ओलंपिक आयोजित करना चाहिए, चीनी रोबोट वैश्विक मानक बन गए हैं। स्विस एआई विशेषज्ञ डोमिनिक गोरेकी ने प्रशंसा करते हुए कहा कि चीन ने खुद को वैश्विक रोबोटिक्स महाशक्ति के रूप में स्थापित किया है।
रॉयटर्स, द इंडिपेंडेंट, एसोसिएटेड प्रेस, बिजनेस इनसाइडर, स्पेनिश अखबार इल एस्पानॉल और इंडिया टुडे सहित कई देशों के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस पर व्यापक रिपोर्ट प्रकाशित की। रॉयटर्स ने कहा कि चीन ने रोबोटिक्स और एआई को अपनी ‘एआई प्लस मैन्युफैक्चरिंग’ रणनीति के केंद्र में रखा है।
इल एस्पानॉल ने 2025 और 2026 के गाला में रोबोट प्रदर्शनों की तुलना करते हुए कहा कि पिछले साल के रोबोट कुछ हद तक अपरिपक्व थे, जबकि इस साल के रोबोट दौड़ सकते हैं, कलाबाजी कर सकते हैं और पूरी तरह से सिंक्रोनाइज्ड स्टंट कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चीन निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोट स्पेनिश बाजार में बेचे जा रहे हैं।
इंडिया टुडे ने रिपोर्ट में कहा कि चीन का वार्षिक स्प्रिंग फेस्टिवल गाला एक वैश्विक टेक्नोलॉजी इवेंट में बदल गया है, जहां ह्यूमनॉइड रोबोटों ने जटिल मार्शल आर्ट मूव्स का प्रदर्शन किया।
चीन के रोबोटिक्स उद्योग का विकास व्यवस्थित तकनीकी नवाचार नीतियों से प्रेरित है। वर्तमान में, चीन के पास 32 हज़ार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट पेटेंट हैं, जो वैश्विक कुल का 68 फीसदी है, और प्रमुख घटकों का स्वदेशीकरण दर 75 फीसदी तक पहुंच गया है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)