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चीनी विदेश मंत्री: 21वीं सदी एशिया, विशेषकर दक्षिण एशिया के लिए त्वरित विकास और पुनरुद्धार का युग 

21 अगस्त को, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार ने छठी चीन-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों की रणनीतिक वार्ता के बाद इस्लामाबाद में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दक्षिण एशिया की वर्तमान स्थिति की चर्चा में वांग यी ने कहा कि दक्षिण एशियाई देश, अपने गौरवशाली इतिहास, शानदार सभ्यताओं, विशाल जनसंख्या और अपार विकास क्षमता के साथ, चीन के घनिष्ठ पड़ोसी हैं, जो पहाड़ों और नदियों से जुड़े हुए हैं, और चीन के लिए अपने पड़ोसियों के लिए मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की एक महत्वपूर्ण दिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत, अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान, वे दक्षिण एशिया की अपार विकास क्षमता और तेज़ गति से बेहद प्रभावित हुए। 21वीं सदी एशिया, और विशेष रूप से दक्षिण एशिया में विकास और पुनरुत्थान को गति देने का युग होना चाहिए।

वांग यी ने बताया कि अपनी अलग-अलग राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद, भारत, अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान सभी मानते हैं कि विकास सभी के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक शांतिपूर्ण, स्थिर, विकसित और समृद्ध दक्षिण एशिया सभी पक्षों के समान हितों और उनकी जनता की आकांक्षाओं को पूरा करता है। तीनों देश अपने सबसे बड़े पड़ोसी चीन के साथ अच्छे पड़ोसी के रूप में मित्रता को मज़बूत करने, आदान-प्रदान और सहयोग को गहरा करने और पारस्परिक लाभ और उभय जीत वाले परिणामों को प्राप्त करने के इच्छुक हैं। एकतरफ़ा धौंस-धमकी के दबाव का सामना करते हुए, तीनों देश बहुपक्षवाद को बनाए रखने, अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करने और एक समान व व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व और समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास करने में विश्वास करते हैं। चीन दक्षिण एशियाई देशों के लिए एक विश्वसनीय साझेदार और ठोस समर्थन होगा।

वांग यी ने ज़ोर देकर कहा कि चीन और दक्षिण एशियाई देश स्वाभाविक साझेदार हैं और उनके बीच सहयोग की व्यापक गुंजाइश है। चीन और पाकिस्तान, चीन और भारत, और अन्य पड़ोसी देशों के साथ चीन के संबंध किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ नहीं हैं और न ही किसी तीसरे पक्ष के प्रभाव के अधीन हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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