America attacked Indian ship: ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर ‘सेटेबेलो’ (Settebello) पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। पहले इन तीनों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें 24 भारतीय और चार विदेशी नागरिक शामिल थे। विदेशी नागरिकों में दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी नागरिक थे।
हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों की पहचान इस प्रकार हुई है, डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया, चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश। जहाज का संचालन करने वाली प्रबंधन कंपनी को हमले के बाद जहाज पर मौजूद अन्य चालक दल के सदस्यों से संपर्क करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
It is deeply unfortunate to learn of the tragic incident aboard the Palau-flagged MT Settebello. Sadly, three Indian seafarers initially reported missing are now confirmed dead after bodies have been located and identified.
This is a profound loss to our maritime family. The…
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) June 11, 2026
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ओमान के तट के पास पलाऊ के झंडे वाले इस तेल टैंकर पर कार्रवाई की। अमेरिकी पक्ष का आरोप है कि यह जहाज ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों और नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। बताया गया कि जब जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने की कोशिश कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। इस दौरान जहाज पर मौजूद 24 भारतीय नाविक भी हमले की चपेट में आ गए।
भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान जारी कर बताया कि जहाज पर सवार 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना है। मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में लगातार जहाजों पर हो रहे हमले वहां चल रहे संघर्ष का सीधा परिणाम हैं।
भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को सफल बनाना जरूरी है। भारत ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध व्यापार तथा आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।