इंटरनेशनल डेस्क: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पिछले नौ महीनों में जन्मजात दिल की बीमारी (CHD) से पीड़ित लगभग 404 अफगान बच्चों को मुफ्त सर्जिकल इलाज दिया गया है। अफगान रेड क्रिसेंट सोसाइटी (ARCS) के प्रवक्ता मौलवी मुदस्सिर हमराज ने इस बारे में बताया है।
मौलवी मुदस्सिर हमराज ने बताया कि अफगान रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने पिछले नौ महीनों के दौरान जन्मजात दिल की बीमारी से पीड़ित 404 बच्चों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है और देश भर में पंजीकृत CHD से पीड़ित लगभग 30,500 अफगान बच्चों को तत्काल इलाज की जरूरत है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हर बच्चे के इलाज पर $750 से $2,350 का खर्च आता है, जिसका पूरा खर्च अफगान रेड क्रिसेंट सोसाइटी उठाती है। इलाज पाने वाले ज्यादातर बच्चे गरीब परिवारों में से ही आते हैं, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज का खर्च नहीं उठा सकते हैं। हालांकि CHD से पीड़ित हजारों अन्य बच्चे अभी भी इलाज का इंतजार कर रहे हैं। देश के स्वास्थ्य क्षेत्र पर ध्यान देने को लेकर दक्षिणी अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में अधिकारियों ने 10 टन एक्सपायर्ड दवाएं और खाद्य सामग्री जला दी। प्रांतीय निदेशक ने शुक्रवार को दवा दुकानदारों से एक्सपायर्ड चीजें न बेचने की अपील की है।
अधिकारी के अनुसार, जलाई गई चीजें पिछले छह महीनों में दवा दुकानों से इकट्ठा की गई थी और इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। यह दवाओं और खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अफगान अधिकारियों के प्रयासों का एक हिस्सा था। हाल के महीनों में राजधानी काबुल सहित कुछ अन्य शहरों में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा देश में पोलियो अभियान भी चल रहे हैं, जन स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 2024 में अफगानिस्तान में पोलियो का कोई भी पॉजिटिव मामला दर्ज नहीं किया गया है और अब तक लाखों बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान अमरखैल ने कबाइली बुजुर्गों, धार्मिक विद्वानों और माता-पिता से अपील की कि वे इस अभियान को ठीक से लागू करने में पोलियो कार्यकर्ताओं के साथ सहयोग करें।

