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America: अंग्रेजी में फेल हो गए 7000 ट्रक ड्राइवर, इतने लाख भारतीयों पर लटकी तलवार

November 4, 2025

America: अंग्रेजी में फेल हो गए 7000 ट्रक ड्राइवर, इतने लाख भारतीयों पर लटकी तलवार

Truck Drivers Rules in America : इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका में पिछले कुछ दिनों में ट्रक हादसों के बाद सरकार ने सख्ती दिखाई है। अमेरिकी परिवहन विभाग के सचिव सीन डफी ने बताया कि इस साल करीब 7000 ट्रक ड्राइवरों को अंग्रेजी परीक्षा में फेल होने की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया है। इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय मूल के ड्राइवरों पर पड़ा है, खासकर पंजाब और हरियाणा से आने वाले सिख ड्राइवरों पर।

अमेरिका में लाखों पंजाबी ड्राइवर
उत्तरी अमेरिकी पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन के अनुसार, अमेरिका में लगभग 1.3 से 1.5 लाख ट्रक ड्राइवर पंजाब और हरियाणा से जुड़े हैं। इनमें से ज्यादातर सिख समुदाय के लोग हैं और लगभग 90% ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। अब सरकार के इस कदम के कारण हजारों भारतीय परिवारों की रोज़ी-रोटी पर संकट आ गया है।

ओबामा सरकार में था ये नियम
ओबामा सरकार के समय यह नियम था कि किसी ड्राइवर को सिर्फ भाषा के कारण नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। निरीक्षकों को यह निर्देश दिया गया था कि अगर कोई ड्राइवर गाड़ी चलाने में निपुण है और सुरक्षा नियमों का पालन करता है, तो अंग्रेजी न जानने के कारण उसे बाहर न किया जाए। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस नियम को पलट दिया। अब सरकार का कहना है कि जो भी व्यक्ति अमेरिका की सड़कों पर ट्रक चलाना चाहता है, उसे अंग्रेजी बोलनी और समझनी आनी चाहिए। अगर कोई ऐसा नहीं कर पाता, तो उसे नौकरी से हटाया जाएगा।

हाल की दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका में हाल ही में हुई कुछ सड़क दुर्घटनाओं ने सरकार का ध्यान खींचा। इनमें कई मामलों में भारतीय मूल के ड्राइवर शामिल थे, जिससे प्रवासी ट्रक ड्राइवरों की छवि पर असर पड़ा।

कैलिफोर्निया हाईवे हादसा:
एक भारतीय चालक पर तीन अमेरिकियों की मौत का आरोप लगा।

फ्लोरिडा टर्नपाइक दुर्घटना:
यहां भारत से आए एक अवैध प्रवासी द्वारा चलाए जा रहे ट्रक ने गलत यू-टर्न लिया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद सरकार ने यह कदम उठाया कि सिर्फ वे ही ड्राइवर सड़कों पर चलें जो अंग्रेजी में संवाद कर सकें और निर्देशों को सही से समझें।

बार-बार रद्द होते लाइसेंस भी चिंता का कारण
एक न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया कि फ्लोरिडा हादसे में जिस ड्राइवर पर हत्या का आरोप है, उसका कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) कई बार रद्द किया जा चुका था। फिर भी उसने किसी दूसरे राज्य-कैलिफोर्निया-से नया लाइसेंस हासिल कर लिया था। फ्रेटवेव्स रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सास राज्य में सबसे ज्यादा विदेशी ड्राइवरों को कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) जारी किए जाते हैं।

नीति पर बढ़ रहा विरोध
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का कई संगठनों ने विरोध किया है। विरोधियों का कहना है कि यह नियम उन ड्राइवरों के खिलाफ है जो अंग्रेजी के अलावा दूसरी भाषा बोलते हैं, जैसे हिंदी, पंजाबी या स्पेनिश। प्रशासन का तर्क है कि यह नीति सड़कों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी है। लेकिन ट्रकिंग उद्योग से जुड़े कई लोग मानते हैं कि यह फैसला अनुचित और भेदभावपूर्ण है।

कंपनियों ने सुनाया अपना का दर्द
टेक्सास के फार शहर की एक ट्रक कंपनी यूनिमेक्स के सीईओ ने कहा, “हमारे पास ऐसे ड्राइवर हैं जो सालों से सुरक्षित ड्राइविंग कर रहे हैं, नियमों को जानते हैं और कोई गलती नहीं करते। लेकिन अब उन्हें सिर्फ इसलिए निकाल दिया जा रहा है। क्योंकि वे सड़क किनारे अधिकारी से अंग्रेजी में तुरंत जवाब नहीं दे पाते।” उन्होंने कहा कि “यह उन मेहनती ड्राइवरों के साथ अन्याय है जो ईमानदारी से काम कर रहे हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।”

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