Site icon Dainik Savera Times

भारत-चीन राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष: कैलाश-मानसरोवर यात्रा बहाली और सीधी विमान सेवा जल्द ही शुरू होने के आसार

75 years of India-China diplomatic relations

75 years of India-China diplomatic relations

India-China Diplomatic Relations : भारत और चीन अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाते हुए अपने राजनयिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। राजनयिक आयोजनों के साथ-साथ भारत-चीन सांस्कृतिक संबंधों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रवींद्रनाथ टैगोर की 1924 की चीन यात्रा की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, 1 अप्रैल को शांतिनिकेतन स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 20 चीनी विद्वानों ने भाग लिया। यह आयोजन भारत-चीन राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक था। टैगोर की यात्रा ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद की नींव रखी थी—एक विरासत जो आज भी द्विपक्षीय सहयोग को प्रेरणा देती है।

कलकत्ता में चीन के महावाणिज्य दूत जू वेई ने हाल ही में सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने में दोनों देशों के प्रयासों पर प्रकाश डाला। ज्ञात हो की कैलास मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर भी आम सहमति बनी है और उस पर सकारात्मक कार्यवाही दिखाई दे रही है l अब विदेश मंत्रालय से अनौपचारिक तौर पर कहा जा रहा है की सीधी उडान की प्रक्रिया पर आम सहमति बन गयी है और किस तारीख से विमान सेवा शुरू होगी उस पर विचार विमर्श अपने अंतिम चरण पर है l

यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है महामारी से पहले, भारत और चीन ने एक मजबूत हवाई संपर्क नेटवर्क चल रहा था l इसके अन्तर्गत बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू और कुनमिंग जैसे शहरों के बीच नई दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती थीं और इनकी संख्या कुल मिलाकर प्रति सप्ताह 50 उड़ानें थीं। जू वेई ने पुष्टि की कि दोनों देश जल्द से जल्द इन सीधी उड़ानों को बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो जुड़ाव के एक नए चरण का संकेत है।

भारत और चीन के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में भव्य समारोह आयोजित हुआ l मुंबई में चीन की एक्टिंग कौंसल जनरल वांग अवेई ने भी मुंबई में समारोह आयोजन हुआ जिसमे चीन द्वारा निर्मित एक विशेष लिफाफे का अनावरण किया गया l इस समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल के प्रधान सचिव प्रशांत नारनवरे (आईएएस), महाराष्ट्र की राजशिष्टाचार अधिकारी मनीषा म्हैसकर(आईएएस) और अतिरिक्त मुख्य सचिव राजगोपाल देवरा (आईएएस) उपस्थित रहे l इस समारोह में दोनों देशों की राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया l

एक्टिंग कौंसल जनरल वांग अवेई ने इस बात पर जोर दिया कि चीन-भारत संबंधों का वसंत आ रहा है जो द्विपक्षीय सहयोग के भविष्य के बारे में आशावाद को दर्शाता है l चीन और भारत के रिश्ते काफी प्राचीन हैं और चीन में बुद्धिज़्मज़्म भारत से आया है l

वांग अवेई ने अपने भाषण में कहा कि 1 अप्रैल को भारत और चीन के शीर्ष नेताओं ने एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजे और द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर अपेक्षाएं और सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया। इस खास मौके पर चीनी सरकार ने एक सुंदर स्मारक लिफाफा भी जारी किया। वांग अवेई ने बताया कि इस वर्ष चीन के मुंबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने 30,000 से अधिक वीज़ा आवेदन स्वीकार किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70% अधिक हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले सोमवार को पिछले 15 वर्षों का दैनिक आवेदन रिकॉर्ड टूट गया। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के लोग अधिक गहन संपर्क और सहयोग की ओर अग्रसर हैं, और यह उत्साह द्विपक्षीय संबंधों के उज्जवल भविष्य की ओर संकेत करता है।

निष्कर्ष: भारत और चीन के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों के बीच सकारात्मक माहौल बना है। चीनी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भारतीय समकक्षों को बधाई दी और सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री मोदी की चीन को लेकर हालिया टिप्पणी की चीनी मीडिया ने सराहना की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री पहली बार चीनी दूतावास के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बने। सीमा पर तनाव कम हुआ है, कैलाश-मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हो रही है। सीधी उड़ानों की बहाली पर सहमति बन चुकी है और हवाई सेवाएं जल्द शुरू हो सकती हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— सीताराम मेवाती )

Exit mobile version