Last Updated: November 7, 2026

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चीन-भारत रिश्तों में 2025 की गर्माहट: 75वीं सालगिरह और आगे का रास्ता

January 8, 2026

चीन-भारत रिश्तों में 2025 की गर्माहट: 75वीं सालगिरह और आगे का रास्ता

2025 में चीन और भारत के राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह मनाई गई। 1 अप्रैल 1950 को भारत ने चीन को मान्यता दी थी और अब 75 साल बाद दोनों देशों के रिश्ते फिर से गर्म हो रहे हैं। डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू हो गईं। वीजा प्रोसेसिंग आसान हुई और लीडर्स की मीटिंग्स हुईं। आइए आपको बताते हैं कि इस साल दोनों देशों के बीच 2025 में क्या-क्या हुआ और आगे 2026 में क्या हो सकता है?

75वीं सालगिरह: नई शुरुआत

अप्रैल में दोनों देशों ने 75वीं एनिवर्सरी धूमधाम से मनाई। चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग और भारत की प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने बधाई संदेश भेजे। प्राइम मिनिस्टर मोदी और चीनी प्रीमियर ली छ्यांग ने भी मैसेज एक्सचेंज किए। चीन के एम्बेसडर शू फेहोंग ने कहा कि रिश्ते ऊपर-नीचे होते रहे, लेकिन अब आगे बढ़ने का समय है। भारत ने भी कहा कि स्थिर और दोस्ताना रिश्ते दोनों देशों और दुनिया के फायदे में हैं।ये साल खास था क्योंकि 2020 के बाद पहली बार रिश्तों में इतनी पॉजिटिव वाइब्स आईं। बॉर्डर पर 2024 के अंत में डिसएंगेजमेंट एग्रीमेंट हुआ जिससे टेंशन कम हुई। 2025 में ये आगे बढ़ा कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हुई जो 5 साल से बंद थी। यह एक दूसरे से कनेक्शन बढ़ाने के लिए बड़ा स्टेप था।

डायरेक्ट फ्लाइट्स और वीजा

सबसे बड़ी खुशखबरी ये कि 5 साल बाद दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू हो गईं। अक्टूबर 2025 में इंडिगो की कोलकाता-गुआंगझोउ फ्लाइट ने उड़ान भरी। फिर दिल्ली-गुआंगझोउ, शंघाई-दिल्ली जैसी रूट्स खुलीं। चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस भी जुड़ी। ये कोविड और गलवान के बाद बंद थीं। अब टूरिज्म, बिजनेस और फैमिली विजिट्स आसान हो गए। चीनी एम्बेसी ने ट्वीट किया कि डायरेक्ट फ्लाइट्स अब रियलिटी हैं। वीजा की बात करें तो जुलाई में भारत ने चीनी सिटीजन के लिए टूरिस्ट वीजा फिर शुरू किए। नवंबर तक ये पूरी दुनिया के लिए खुल गया। चीन ने भी दिसंबर में इंडियन नागरिकों के लिए ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन सिस्टम लॉन्च किया। अब फॉर्म भरना, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करना ऑनलाइन हो गया। बिजनेस वीजा भी आसान हुए। ये सब पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज बढ़ाने के लिए था जिससे ट्रेड और टूरिज्म को बूस्ट मिला।

लीडर्स की मीटिंग्स: मोदी-शी की थ्येनचिन मुलाकात

साल की हाइलाइट थी अगस्त 2025 में थ्येनचिन में SCO समिट के साइडलाइन पर मोदी और शी चिनफिंग की मीटिंग। मोदी की 7 साल बाद चीन विजिट थी। दोनों ने कहा कि हम पार्टनर्स हैं, राइवल नहीं। ट्रेड डेफिसिट कम करने, कोऑपरेशन बढ़ाने पर बात हुई। अमेरिका के ट्रंप टैरिफ्स के बैकड्रॉप में ये मीटिंग और महत्वपूर्ण थी। दोनों देश वेस्टर्न प्रेशर के खिलाफ साथ दिखे।इसके अलावा हाई-लेवल डायलॉग हुए जैसे वांग यी का भारत विजिट।

2025 की उपलब्धियां: ट्रेड और कोऑपरेशन

वर्ष 2025 में दोनों देशों के ट्रेड में भी ग्रोथ हुई। बाइलेटरल ट्रेड 127 बिलियन डॉलर के करीब पहुंचा।चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, सोलर इक्विपमेंट आदि के इंपोर्ट्स बढ़े।भारत ने रॉ मटेरियल्स एक्सपोर्ट किए। यूथ डायलॉग, स्कॉलर्स विजिट्स के जरिए कल्चरल एक्सचेंज बढ़े। बॉर्डर ट्रेड रूट्स खोलने की प्लानिंग हुई। कुल मिलाकर 2025 में रिश्ते स्टेबल हुए टेंशन कम हुई।

आगे का अनुमान: 2026 में क्या होगा?

2026 में दोनों देशों के बीच रिश्ते और बेहतर हो सकते हैं। स्टेबिलिटी बनी रहेगी, क्योंकि दोनों को इकोनॉमिक ग्रोथ चाहिए। ट्रेड बढ़ेगा, इन्वेस्टमेंट आएगा। मल्टी लेटरल फोरम्स जैसे SCO, BRICS में कोऑपरेशन बढ़ेगा। क्लाइमेट चेंज, ट्रेड वॉर जैसे ग्लोबल इश्यूज पर दोनों देश साथ खड़े हो सकते हैं। कुल मिलाकर 2026 में कैशस प्रोग्रेस होगी। दोनों देश समझते हैं कि कोऑपरेशन से फायदा है। एशियन सेंचुरी के लिए ड्रैगन और एलीफेंट को साथ चलना पड़ेगा। पीसफुल कोएक्जिस्टेंस ही बेस्ट ऑप्शन है। उम्मीद है कि 2026 और पॉजिटिव हो, दोनों देशों के लोग खुशहाल हों।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

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