
इंटरनेशनल डेस्क : स्थानीय समयानुसार 3 जुलाई को, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने बर्लिन में 8वें दौर की चीन-जर्मनी कूटनीतिक और सुरक्षा रणनीतिक वार्ता आयोजित की।
इस दौरान, वांग यी ने कहा कि इस वर्ष चीन और यूरोपीय संघ के बीच राजनयिक सम्बंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है और चीन-जर्मनी सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी एक नये दशक में प्रवेश कर गयी है। चीन-जर्मनी सम्बंधों का स्वस्थ विकास न केवल चीन-यूरोपीय संघ सम्बंधों के समग्र सुधार को आगे बढ़ाएगा, बल्कि विश्व के स्थिर विकास के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होगा। विश्व की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, चीन और जर्मनी महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभाते हैं।
वांग यी ने आगे कहा कि वर्तमान अशांत अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति, विशेषकर बड़े पैमाने पर संरक्षणवाद, वैश्वीकरण विरोधी और एकतरफा धौंस-धमकी के सामने, चीन और जर्मनी को रणनीतिक संचार और सहयोग को मजबूत करना चाहिए, चीन-जर्मनी सम्बंधों की स्थिरता के साथ दुनिया में अधिक निश्चितता लानी चाहिए, संयुक्त रूप से बहुपक्षवाद की वकालत और अभ्यास करना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र के केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय कानून पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्बंधों के बुनियादी मानदंडों की रक्षा करनी चाहिए, और एक अधिक विश्वसनीय, स्थिर और पूर्वानुमानित सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी विकसित करने का प्रयास करने की आवश्यकता है।
वांग यी ने यह भी कहा कि कुछ समय पहले ही, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ फ़ोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने अगले चरण में चीन-जर्मनी सम्बंधों के विकास की दिशा बताई थी। चीन अपनी कूटनीति में चीन-जर्मनी सम्बंधों को महत्वपूर्ण स्थान देता है, चीन के साथ सम्बंध विकसित करने में नई जर्मन सरकार के सकारात्मक और तर्कसंगत रवैये की सराहना करता है। चीन को उम्मीद है कि जर्मनी चीन के पूर्ण राष्ट्रीय एकीकरण को प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन करेगा और एक-चीन सिद्धांत का पालन करेगा, जैसे चीन ने अतीत में जर्मन एकीकरण का बिना शर्त समर्थन किया था।
वार्ता में जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने कहा कि जर्मनी चीन के साथ एक विश्वसनीय और पूर्वानुमानित साझेदार बनना चाहता है। आज के संकटों और चुनौतियों से भरे युग में, जर्मनी और चीन के लिए घनिष्ठ संचार और सहयोग बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान का एक लंबा इतिहास है और साझेदारी के लिए एक अच्छी नींव है। वे कई मुद्दों पर आम सहमति रखते हैं और आपसी सम्मान और रचनात्मक रवैये के साथ मतभेदों को ठीक से संभाल सकते हैं। जर्मनी चीन के साथ घनिष्ठ आदान-प्रदान और आवाजाही के लिए तत्पर है और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना जारी रखता है। जर्मन सरकार एक-चीन नीति का दृढ़ता से पालन करती है।
इसके अतिरिक्त, वार्ता में दोनों विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन संकट, ईरानी परमाणु मुद्दे, मध्य पूर्व की स्थिति और बहुपक्षीय रणनीतिक सहयोग पर भी गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने सर्वसम्मति से निकट संचार और समन्वय जारी रखने तथा युद्ध विराम, लड़ाई की समाप्ति और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के लिए प्रयास और योगदान देने पर सहमति व्यक्त की।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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