इंटरनेशनल डेस्क: चीन में शिक्षा के डिजिटलीकरण की यात्रा एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्मार्ट एजुकेशन ऑफ चाइना प्लेटफॉर्म आज दुनिया का सबसे बड़ा उच्च-गुणवत्ता वाला डिजिटल शैक्षिक संसाधन केंद्र बन गया है। अब तक इस मंच पर 72.6 बिलियन से अधिक बार पहुंच दर्ज की जा चुकी है, जो इसकी वैश्विक स्वीकार्यता और प्रभाव को दर्शाती है।
यह मंच पूर्व-प्राथमिक से लेकर स्नातकोत्तर और आजीवन शिक्षा तक पूरी शैक्षिक प्रक्रिया को कवर करता है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 1.3 लाख से अधिक संसाधन, 12,500 से ज्यादा व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम और लगभग 1.45 लाख उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम यहां उपलब्ध हैं। नैतिक, बौद्धिक, शारीरिक, सौंदर्य और श्रम शिक्षा को समाहित करते हुए यह मंच आज 178 से अधिक देशों और क्षेत्रों में 200 मिलियन से ज्यादा उपयोगकर्ताओं की सेवा कर रहा है। औसतन प्रतिदिन 52 मिलियन से अधिक विज़िट इस मंच की सक्रियता को रेखांकित करती हैं।
विशेष रूप से, यह प्लेटफॉर्म कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बुनियादी शिक्षा से लेकर उच्च और आजीवन शिक्षा तक 1,000 से अधिक एआई पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। लाखों विश्वविद्यालय छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन एआई प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे एआई साक्षरता तेजी से बढ़ रही है।
चीन के प्रमुख विश्वविद्यालय भी इस परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। फुडन विश्वविद्यालय ने सभी स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एआई पाठ्यक्रम अनिवार्य किए हैं, जबकि चच्यांग विश्वविद्यालय ने “एआई+” प्रतिभा प्रशिक्षण की एक पूर्ण-चक्र प्रणाली विकसित की है। विषय एआई कार्यक्रमों, नई विशेषज्ञताओं और पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से एआई को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी चीन की डिजिटल शिक्षा क्षमता को मान्यता मिल रही है। एक अंतर्राष्ट्रीय सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल शिक्षा विकास में चीन की रैंकिंग 2023 में 24वें स्थान से बढ़कर 2025 में छठे स्थान पर पहुंच गई है। यह दर्शाता है कि चीन अब इस क्षेत्र में अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा है।
भविष्य की ओर देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा को एआई-संचालित व्यवस्थित परिवर्तन से गुजरना होगा। शिक्षण-अधिगम की पूरी प्रक्रिया में एआई का समावेश, पायलट कार्यक्रमों की शुरुआत और भविष्य-उन्मुख शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण आवश्यक है। व्यापक डिजिटल सशक्तिकरण के साथ, चीनी शिक्षा अधिक न्यायसंगत, उच्च गुणवत्ता वाली, गतिशील और टिकाऊ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
(दिव्या पाण्डेय – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)