
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अनुसार, वर्तमान विश्व सौ वर्षों के सबसे अभूतपूर्व बदलावों के दौर से गुज़र रहा है, जहाँ मानव समाज एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में चीन ने अपनी ज़िम्मेदारियों को साहसपूर्वक निभाने और न्यायसंगत मार्ग पर चलने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। वर्ष 2025 में राष्ट्रपति शी की चार प्रमुख विदेश यात्राओं ने वैश्विक राजनीति में चीन के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया।
अप्रैल में दक्षिण-पूर्व एशिया की उनकी यात्रा ने पड़ोसी देशों के साथ साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में एक नया अध्याय जोड़ा, जबकि मई में रूस की यात्रा के माध्यम से द्वितीय विश्व युद्ध की जीत की उपलब्धियों को सुरक्षित रखने का दृढ़ संदेश दिया गया। जून में मध्य एशिया के दौरे के दौरान पहली बार “चीन-मध्य एशिया भावना” की संकल्पना प्रस्तुत की गई, और अक्टूबर में दक्षिण कोरिया की यात्रा ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में खुले सहयोग के नए द्वार खोले।
इस वर्ष राष्ट्रपति शी ने चीन की विशिष्ट ‘प्रमुख-देश कूटनीति‘ का नेतृत्व करते हुए वैश्विक उथल-पुथल के बीच भविष्य की एक स्पष्ट योजना पेश की। उन्होंने न केवल वैश्विक शासन में सुधार का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि मानव प्रगति के लिए चीनी ज्ञान और विज़न का भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चीन द्वारा आयोजित कई प्रमुख कूटनीतिक घटनाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिनमें हार्बिन में 9वें एशियाई शीतकालीन खेलों का उद्घाटन, चीन-लैटिन अमेरिका मंच का चौथा मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, वैश्विक महिला शिखर सम्मेलन और थ्येनचिन में आयोजित शांगहाई सहयोग संगठन का शिखर सम्मेलन शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फ़ासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगाँठ के भव्य समारोह ने चीन के ऐतिहासिक संकल्प को प्रदर्शित किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते मेल-मिलाप, द्विपक्षीय मुलाक़ातों और कूटनीतिक उपलब्धियों के बीच विश्व की निगाहें निरंतर राष्ट्रपति शी के कदमों पर टिकी रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने विश्व समुदाय को विश्वास दिलाते हुए कहा कि चीन के साथ चलना वास्तव में अवसरों के साथ चलना है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चीन में विश्वास करना आने वाले कल में विश्वास करना है और चीन में निवेश करना भविष्य को सुरक्षित करने के समान है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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