Last Updated: September 21, 2026

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चीन के थ्येनचिन में दिखी आने वाली दुनिया की झलक

June 9, 2026

चीन के थ्येनचिन में दिखी आने वाली दुनिया की झलक

इंटरनेशनल डेस्क: क्या आपने कभी कल्पना की है कि आने वाले 10 या 15 साल बाद हमारी दुनिया कैसी होगी? क्या रोबोट इंसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे? क्या सड़क पर दौड़ती कारों में ड्राइवर नहीं होंगे? और क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यानी एआई, हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन जाएगा? इन सवालों के जवाब अब केवल फिल्मों या किताबों तक सीमित नहीं रह गए हैं। चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित वर्ल्ड इंटेलिजेंस एक्सपो 2026 में भविष्य की यही तस्वीर हकीकत बनकर सामने दिखाई दी।

28 मई से 31 मई तक चले इस चार दिवसीय आयोजन को थ्येनचिन और छोंगछिंग म्युनिसिपल सरकारों ने मिलकर आयोजित किया। दुनिया भर की 700 से अधिक कंपनियों और संस्थानों ने इसमें भाग लिया। यह केवल एक तकनीकी प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि बदलती दुनिया की झलक थी। इस बार एक्सपो की थीम थी, “इंटेलिजेंस: एक्सटेंसिव डेवलपमेंट स्पेस, सस्टेनेबल ग्रोथ ड्राइवर।” आसान शब्दों में कहें तो संदेश साफ था कि एआई अब प्रयोगशालाओं और कंप्यूटर स्क्रीन से निकलकर उद्योग, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरों की व्यवस्था तक पहुंच चुका है।

करीब 1 लाख 30 हजार वर्ग मीटर में फैले इस विशाल आयोजन में एक मुख्य पवेलियन और सात विशेष थीम आधारित क्षेत्र बनाए गए थे। यहां 200 से अधिक नई तकनीकों, उत्पादों और शोध उपलब्धियों को पहली बार सार्वजनिक रूप से पेश किया गया। हर सेक्शन यह एहसास कराता था कि दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है, और तकनीक अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाली ताकत बन चुकी है।

एक्सपो का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था एआई कोर टेक्नोलॉजी ज़ोन। यहां अत्याधुनिक चिप्स, एल्गोरिद्म, क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म और बड़े एआई मॉडल प्रदर्शित किए गए। खास आकर्षण रहा बिग मॉडल एरिया, जहां 40 से अधिक बड़े एआई मॉडल और कई इंटेलिजेंट एजेंट दिखाए गए। इन तकनीकों को देखकर साफ महसूस होता था कि आने वाले समय की मशीनें केवल आदेश मानने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि परिस्थितियों को समझकर फैसले लेने में भी सक्षम होंगी।

हालांकि सबसे अधिक भीड़ रोबोटिक्स और एम्बॉडीड इंटेलिजेंस ज़ोन में दिखाई दी। यहां इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट, चार पैरों वाले रोबोट, सर्विस रोबोट और कई स्मार्ट मशीनें मौजूद थीं। 80 से ज्यादा चीनी और विदेशी कंपनियों ने लगभग 150 तरह के रोबोट पेश किए। कुछ रोबोट लोगों से बातचीत कर रहे थे, तो कुछ बेहद सटीक तरीके से काम करते दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था जैसे साइंस फिक्शन फिल्मों का भविष्य अचानक हमारे सामने आ खड़ा हुआ हो।

स्मार्ट व्हीकल ज़ोन भी लोगों के आकर्षण का बड़ा केंद्र रहा। यहां सेल्फ-ड्राइविंग कारें, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, व्हीकल-टू-क्लाउड कनेक्टिविटी और नई बैटरी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। यह साफ संकेत था कि भविष्य की कारें केवल यात्रा का साधन नहीं होंगी, बल्कि डेटा, सेंसर और सॉफ्टवेयर से संचालित एक स्मार्ट प्लेटफॉर्म बन जाएंगी।

एक और दिलचस्प क्षेत्र था लो-एल्टीट्यूड इकॉनमी और कमर्शियल स्पेस ज़ोन। यहां ड्रोन, एयर टैक्सी, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स सिस्टम, छोटे सैटेलाइट और अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाओं से जुड़ी तकनीकों को दिखाया गया। यह सेक्शन बताता था कि आने वाले समय में आसमान केवल उड़ान भरने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, डिलीवरी और शहरी सेवाओं का नया क्षेत्र बन जाएगा।

स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में इंडस्ट्रियल रोबोट, फैक्ट्री ऑटोमेशन, डिजिटल ट्विन और इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। यहां यह समझाया गया कि एआई और डेटा की मदद से भविष्य की फैक्ट्रियां अधिक तेज़, सटीक और कम लागत वाली बनेंगी। वहीं स्मार्ट लिविंग ज़ोन आम लोगों के लिए सबसे अधिक दिलचस्प साबित हुआ। स्मार्ट होम, स्मार्ट हेल्थकेयर, शिक्षा, मनोरंजन और स्मार्ट सिटी से जुड़ी तकनीकों को बेहद सरल तरीके से पेश किया गया। यहां तकनीक किसी जटिल मशीन की तरह नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने वाले साथी के रूप में दिखाई दी।

यह एक्सपो केवल तकनीक दिखाने तक सीमित नहीं था। इसके साथ बिजनेस मैचमेकिंग कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं, इमर्सिव एक्टिविटीज और सहयोग मंच भी आयोजित किए गए। मकसद साफ था कि नई तकनीकें केवल प्रदर्शन तक न रहें, बल्कि उद्योग, निवेश और बाजार से भी जुड़ें।

वर्ल्ड इंटेलिजेंस एक्सपो 2026 ने एक बात पूरी तरह स्पष्ट कर दी कि एआई अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं है। यह अर्थव्यवस्था, उद्योग, नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई भाषा बन चुका है। दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां तकनीक केवल इंसानों की मदद नहीं करेगी, बल्कि समाज और व्यवस्था के ढांचे को भी बदल देगी। भविष्य अब दूर नहीं है। वह धीरे-धीरे हमारे सामने आकार ले रहा है।

(अखिल पाराशर, CGTN हिन्दी संवाददाता, पेइचिंग)

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