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चीन में गांव और विकास की नई तस्वीर

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चीन में हर साल किसानों का फसल उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। साल 2025 में यह उत्सव 23 सितंबर को मनाया गया। यह दिन न सिर्फ किसानों की मेहनत और उनकी फसल की खुशियों का जश्न है, बल्कि चीन की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि सुधारों को दिखाने का भी मौका है।

इस साल का फसल उत्सव और भी खास था, क्योंकि 2025 चीन की 14वीं पंचवर्षीय योजना का अंतिम साल है। यही नहीं यह वह साल भी है जब चीन गरीबी उन्मूलन की ऐतिहासिक उपलब्धियों को मजबूत करने और उन्हें ग्रामीण पुनरोद्धार से जोड़ने की पांच वर्षीय संक्रमण अवधि को पूरा कर रहा है इसलिए इस बार के उत्सव को सिर्फ परंपरा और जश्न तक सीमित नहीं रखा गया था, बल्कि यह चीन की विकास यात्रा और किसानों की ताकत को दिखाने का एक बड़ा मंच था।

 

किसानों की मेहनत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

फसल उत्सव का सबसे बड़ा उद्देश्य है किसानों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना। चीन ने पिछले दशकों में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और इसमें किसानों की मेहनत की अहम भूमिका रही है।इस उत्सव के जरिए सरकार और समाज मिलकर किसानों को सम्मान देते हैं और उनके योगदान को मान्यता देते हैं।

 

ग्रामीण विकास और कृषि सुधारों की झलक

2025 का उत्सव खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पिछले पांच सालों में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी उपलब्धियों को दिखाया गया। बेहतर सिंचाई प्रणाली, आधुनिक खेती के तरीके, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, बिजली, इंटरनेट के विस्तार को सामने लाया गया। यह चीन की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें गांवों को केवल खेती तक सीमित न रखकर उन्हें नए अवसरों और रोजगार के केंद्र में बदलने की कोशिश की जा रही है।

 

उपभोग और बाजार को बढ़ावा

इस उत्सव का एक और बड़ा लक्ष्य था शहरों और गांवों के बीच उपभोग और बाजार की खाई को पाटना। त्योहार के दौरान कृषि उत्पादों की प्रदर्शनियां, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे न सिर्फ किसानों को अपनी उपज बेचने का बड़ा मंच मिलता है, बल्कि शहरी उपभोक्ताओं को भी ताजे और विविध उत्पादों तक पहुंच मिलती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आती है और किसानों की आय बढ़ती है।

 

सांस्कृतिक पहचान और किसानों की आत्मा

चीन इस उत्सव को केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं देखता, बल्कि यह उसकी सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है। नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक खेल और स्थानीय व्यंजन इस दिन को खास बनाते हैं। इससे किसानों का आत्मबल और गर्व बढ़ता है और यह संदेश जाता है कि किसान ही देश की असली रीढ़ हैं।

2025 में किसानों का फसल उत्सव चीन के लिए खास महत्व रखता है। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है, गरीबी उन्मूलन से लेकर ग्रामीण पुनरोद्धार तक की यात्रा का जश्न है और कृषि सुधारों की उपलब्धियों को दिखाने का मंच भी। साथ ही यह त्योहार शहर और गांव को जोड़ने वाला पुल भी है जो चीन की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि 23 सितंबर 2025 को मनाया गया यह उत्सव सिर्फ चीन के किसानों का त्योहार नहीं था,बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश था कि कृषि और ग्रामीण विकास किसी भी देश की असली ताकत होते हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

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