Site icon Dainik Savera Times

पेइचिंग में चीन-भारत विदेश मंत्रालय अधिकारियों की नई दौर की विचार-विमर्श बैठक आयोजित

चीनी विदेश मंत्रालय के एशियाई विभाग के निदेशक ल्यू चिनसोंग और भारतीय विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया विभाग के संयुक्त सचिव सुजीत घोष ने गुरुवार को चीन की राजधानी पेइचिंग में चीन-भारत विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की नई दौर की विचार-विमर्श बैठक आयोजित की।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने हाल के दिनों में चीन-भारत संबंधों में आई सकारात्मक प्रगति की सराहना की और द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीनी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चीन के थ्येनचिन शहर में हुई मुलाकात के दौरान बनी महत्वपूर्ण सहमति को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुल सकें।

बैठक में द्विपक्षीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, संस्थागत संवाद बहाल करने, मतभेदों और संवेदनशील मुद्दों का विवेकपूर्ण समाधान खोजने, तथा बहुपक्षीय मंचों और अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मामलों में आपसी समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। दोनों पक्षों ने बहुपक्षवाद को बनाए रखने, विश्व में बहुध्रुवीयता को प्रोत्साहित करने और वैश्विक दक्षिण के साझा हितों की रक्षा के प्रति भी अपनी एकजुटता व्यक्त की।

बैठक शुरू होने से पहले, चीनी उप विदेश मंत्री सुन वेइतोंग ने सुजीत घोष से भी शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने थ्येनचिन शिखर वार्ता से चीन-भारत संबंधों को मिली गति को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई। उधर सुजीत घोष ने कहा कि भारत चीन के साथ मिलकर संवाद बहाल करने, सहयोग मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों की गति को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके अलावा, दोनों देशों के अधिकारियों ने इस विचार-विमर्श बैठक को समयोचित, प्रभावी और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि यह बैठक अच्छे वातावरण में सम्पन्न हुई और अनेक मुद्दों पर सार्थक सहमति बनी है। 

ये भी पढ़ें- सीजीटीएन सर्वे: अमेरिकी वर्चस्ववादी कूटनीति वैश्विक शासन व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

Exit mobile version