Last Updated: November 8, 2026

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शीत्सांग में आया कायापलट 

September 2, 2024

शीत्सांग में आया कायापलट 

इस अगस्त के अंत में चाइना मीडिया ग्रुप के हिंदी विभाग की एंकर दिव्या पाण्डेय ने शीत्सांग यानी तिब्बत के आली प्रिफेक्चर का दौरा किया। वापस लौटने के बाद उन्होंने इस यात्रा को अविस्मरणीय और अद्वितीय बताया। एक तरफ वे आली के महान,पवित्र और एकदम स्वच्छ प्राकृतिक दृश्यों खासकर कैलाश पर्वत और मानसरोवर से अभिभूत हैं, दूसरी तरफ उनको शीत्सांग की विषम परिस्थियों के बीच स्थानीय लोगों के उन्नत जीवन स्तर को देखकर आश्चर्य हुआ। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतने सुदूर क्षेत्र में जीवन की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

वे कैलाश पर्वत की तलहटी में बसा एक छोटा गांव गयीं। डामर सड़क सीधे तौर पर इस गांव तक पहुंचती है। गांव में सुंदर तिब्बती शैली वाले मकान नज़र आते हैं और वातावरण साफ सुथरा है। निमंत्रण पर वे एक छोटे चायघर के मालिक के घर गईं। आँगन बड़ा है और मकान में तिब्बती फर्नीचर हैं और टीवी, फ्रिज, जैसे सब आधुनिक होम एप्लाइंसेस मौजूद हैं। जिससे विदित है कि इस सुदूर गांव में बिजली-सप्लाई में कोई समस्या नहीं है। मकान मालिक ने बताया कि वे वर्तमान जीवन पर बहुत संतुष्ट हैं। गांव में एक खास बात है कि हर घर में एसयूवी गाड़ी होती है। यह शायद ऊंचे पठार और पहाड़ी क्षेत्र में आवागमन के लिए ज़रूरी है।

शीत्सांग की इस यात्रा में दिव्या बागा कस्बे के होटल में ठहरीं। यह कस्बा  तरह-तरह की दुकानों से भरा हुआ है जहां ज़रूरत की लगभग सभी वस्तुएं उपलब्ध हैं। भीतरी चीन की तरह बड़ा सुपर मार्केट भी है,जिसमें रोजमर्रा की सभी वस्तुएं हैं। कस्बे में कई रेस्तरां और होटल भी हैं जो यात्रा के इस सीज़न में पूरी तरह व्यस्त हैं। सड़कों पर पर्यटकों की अच्छी आमद है क्योंकि गर्मियों के दौरान यहां कैलाश मानसरोवर की यात्रा अपने चरम पर होती।

आली में दिव्या ने जो देखा, वह शीत्सांग के तेज़ विकास का एक लघुचित्र है। पिछले कुछ सालों में शीत्सांग का तेज़ी से कायापलट हुआ है। वर्ष 2023 में शीत्सांग का जीडीपी करीब 240 अरब युवान जा पहुंचा। वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत थी, जो देश में पहले स्थान पर रही। वर्ष 2023 में शीत्सांग ने 175 देशों व क्षेत्रों के साथ आयात-निर्यात का व्यापार किया। शीर्ष तीन साझेदार नेपाल, भारत और अमेरिका हैं।

पहले कठोर भौगोलिक स्थिति के कारण शीत्सांग का यातायात बहुत खराब था। लेकिन भारी कोशिशों के बाद अब शीत्सांग में सड़क, रेलवे और एयरलाइंस से गठित चतुर्मुखी यातायात व्यवस्था स्थापित हुई है। शीत्सांग में सड़कों की कुल लंबाई 1 लाख 23 हजार किलोमीटर से अधिक है, रेलवे लाइन की लंबाई 1187.8 किलोमीटर है और 74 शहरों के साथ एयर सेवा उपलब्ध है।

विकास में शीत्सांग जनजीवन के सुधार से केंद्रित रहता है। पिछले साल के अंत तक तिब्बत के शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों का प्रति व्यक्ति डिस्पोजबल आय अलग-अलग तौर पर 51900 और 19924 युवान हो गयी, जिसकी वृद्धि दर लगातार 8 साल तक देश के पहले स्थान पर रही। शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश सरकार के अध्यक्ष येन चिनहाई ने मीडिया को बताया कि वर्ष 2035 तक तिब्बत की प्रति व्यक्ति आय को देश के शीर्ष समूह में शामिल होने की पूरी संभावना है।

तिब्बत का तेज़ विकास केंद्रीय सरकार के खयाल और पूरे देश की जनता के समर्थन व मदद से अलग नहीं हो सकता। अध्यक्ष येन चिनहाई ने कहा था कि अगर तिब्बत एक युवान खर्च करता है, तो इस में 0.9 से अधिक युवान केंद्र से दिया जाता है।

इस साल शीत्सांग के प्रति पेयरिंग मदद रणनीति के कार्यांवयन की 30वीं वर्षगांठ है। यह रणनीति तिब्बत के विकास में कूंजीभूत भूमिका निभाती है। इस रणनीति का मुख्य विषय है कि चीन के अपेक्षाकृत रूप से विकसित प्रांत व शहर और केंद्रीय सरकार के सम्बंधित विभाग व उद्यम शीत्सांग के विभिन्न क्षेत्रों और विभागों से जोड़ी बनाकर सहायता करते हैं। उदाहरण के लिए पेइचिंग ल्हासा के साथ जोड़ी बनाकर ल्हासा को मदद देता है और स्टेट बिजली ग्रेट कंपनी तिब्बत के बिजली कार्य के लिए सहायता करती है। तीस साल में दस जत्थों के करीब 12 हजार कार्यकर्ता व पेशेवर प्रतिभाएं तिब्बत की मदद के लिए विश्व की छत पर आये। उन्होंने तिब्बती जनता के साथ मशक्कत कर बुनियादी ढांचे, व्यवसाय, जनजीवन, शिक्षा, चिकित्सा, संस्कृति, पर्यावरण आदि व्यापक पहलुओं में तिब्बत के विकास के लिए अपना असाधारण योगदान दिया।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

     

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