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US Israel Iran War: अब्बास अराघची ने जंग की वियतनाम युद्ध से की तुलना, कहा- सिर्फ जीत के दावे करने से वास्तविक स्थिति नहीं बदलती

Abbas araghchi

Abbas araghchi

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना वियतनाम युद्ध से करते हुए कहा कि सिर्फ जीत के दावे करने से वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। आज जो स्थिति बन रही है, वह काफी हद तक 1960 के दशक के वियतनाम युद्ध जैसी नजर आ रही है, जब अमेरिका लगातार जीत का दावा करता था, लेकिन जमीन पर हालात उसके उलट थे।

अराघची ने खास तौर पर ‘फाइव ओ’क्लॉक फॉलीज़’ का जिक्र किया, जो वियतनाम युद्ध के दौरान साइगोन में रोज होने वाली प्रेस ब्रीफिंग थी। इन ब्रीफिंग्स में अमेरिकी सेना यह दिखाने की कोशिश करती थी कि युद्ध में उसकी स्थिति मजबूत है और असल में हालात बिगड़ रहे थे। उनका कहना है कि आज भी अमेरिका कुछ इसी तरह के दावे कर रहा है, जिन पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में अमेरिका के आधुनिक लड़ाकू विमान F-35 लाइटनिंग II को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। साथ ही अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन के पीछे हटने की भी चर्चा है। हालांकि, अमेरिका की ओर से कहा गया है कि F-35 सुरक्षित लैंडिंग करने में सफल रहा और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

इस मुद्दे पर अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस मामले में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके एक अधिकारी जो केंट ने इस्तीफा भी दे दिया है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कहना है कि अमेरिका इस संघर्ष में बढ़त बनाए हुए है और ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर पड़ रही है।

अगर वियतनाम युद्ध की बात करें, तो उस समय अमेरिका ने बड़ी संख्या में सैनिक भेजे थे और भारी बमबारी की थी, लेकिन अंत में उसे पीछे हटना पड़ा। इस युद्ध में अमेरिका के करीब 58 हजार सैनिक मारे गए थे और लाखों वियतनामी नागरिकों की जान गई थी। 1975 में यह युद्ध खत्म हुआ और उत्तर वियतनाम की जीत हुई।

मौजूदा हालात को लेकर रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और करीब 200 घायल हुए हैं। वहीं ईरान में 1400 से ज्यादा लोगों की मौत और 18 हजार से अधिक घायल होने की खबर है। अराघची का साफ संदेश है कि केवल जीत के दावे करने से सच्चाई नहीं बदलती और अगर जमीनी स्थिति को नजरअंदाज किया गया, तो हालात वियतनाम जैसे भी हो सकते हैं।

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