Adani Group: बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल के अंतिम चरण में एक बार फिर भारत के अडानी ग्रुप और बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) के बीच भुगतान को लेकर तनाव गहराता नजर आ रहा है। अडानी समूह ने बकाया राशि के भुगतान को लेकर बांग्लादेश के पावर बोर्ड को एक औपचारिक पत्र भेजते हुए बिजली आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई है।
112 मिलियन डॉलर की तत्काल मांग
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 29 जनवरी को अडानी पावर लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट अविनाश अनुराग ने PDB के चेयरमैन को पत्र लिखकर 112.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर के तत्काल भुगतान की मांग की है। यह राशि भारतीय मुद्रा में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिजली संयंत्र का नियमित संचालन बनाए रखने के लिए यह भुगतान जरूरी है। इसमें से 53.2 मिलियन डॉलर पिछले वर्ष जून तक के बकाए से जुड़े हैं, जबकि 59.6 मिलियन डॉलर अक्टूबर तक दी गई बिजली सेवाओं के भुगतान के रूप में शामिल हैं।
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भुगतान न होने पर सप्लाई प्रभावित होने की चेतावनी
अडानी ग्रुप ने पत्र में संकेत दिया है कि लगातार बढ़ते बकाए के कारण बिजली उत्पादन, रखरखाव और परियोजना से जुड़े साझेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो बिजली आपूर्ति और संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब अडानी समूह ने इस तरह का कदम उठाया हो। पिछले साल भी बकाया भुगतान को लेकर बांग्लादेश सरकार को चेतावनी दी गई थी। तब 10 नवंबर तक भुगतान की समयसीमा तय की गई थी और 11 नवंबर से सप्लाई रोकने की बात कही गई थी। उस समय बांग्लादेश ने करीब 100 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था, लेकिन पुराने बकाए की भरपाई पूरी तरह नहीं हो सकी।
दिसंबर के बाद से फिर से बकाया राशि में इजाफा होता चला गया, जिससे एक बार फिर बिजली आपूर्ति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
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चुनावी माहौल में बढ़ी चिंता
यह मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब बांग्लादेश 12 फरवरी को संसदीय चुनाव और जनमत संग्रह की तैयारी कर रहा है। देश की राजनीति पहले से ही उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी समेत विपक्षी दल जोरदार चुनाव प्रचार में जुटे हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
ऐसे संवेदनशील राजनीतिक माहौल में अडानी ग्रुप का यह पत्र बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर रहा है।
आने वाले दिनों में अहम होगा फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका सीधा असर बांग्लादेश की बिजली आपूर्ति और आम जनता पर पड़ सकता है। अब निगाहें बांग्लादेश सरकार और पावर डेवलपमेंट बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हैं।