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चीन की स्मार्ट कृषि अफ़्रीका में ला रही है कृषि आधुनिकीकरण की नई क्रांति

इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया को सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करने वाली चीन की पहली अंतरिक्ष अवसंरचना “पेइतो उपग्रह नेविगेशन प्रणाली” अब अफ़्रीकी देशों में भी नई दिशा दे रही है। इस प्रणाली और उससे जुड़े उत्पादों का बढ़ता उपयोग चीन-अफ़्रीका कृषि सहयोग के विकास को गति दे रहा है और अफ़्रीका में कृषि आधुनिकीकरण का एक नया इंजन बन गया है।

मोज़ाम्बिक के गाज़ा प्रांत के ज़ाई-ज़ाई शहर में स्थित चीन-अफ़्रीका सहकारी कृषि पार्क में अब ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर छिड़काव किया जा रहा है। मार्ग और वापसी बिंदु निर्धारित करने के बाद, कर्मचारी केवल एक बटन दबाते हैं और ड्रोन निर्धारित रास्ते पर उड़ान भरते हुए सटीक छिड़काव पूरा कर देता है।

जानकारी के अनुसार, इस चीन-अफ़्रीका कृषि सहयोग परियोजना में खेतों की भूमि का डिजिटल मानचित्रण, चावल की बुवाई, और कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्यों में बड़े पैमाने पर पौध संरक्षण ड्रोन का उपयोग किया गया है। अब तक इन ड्रोन ने कुल 5333 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सफल संचालन किया है, जिससे फसल उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वर्तमान में कई मोज़ाम्बिकवासी चीनी कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और आधुनिक रोपण तकनीकें सीख रहे हैं। इन प्रयासों से न केवल किसानों के कृषि कौशल में सुधार हुआ है, बल्कि उनकी आय में भी लगातार वृद्धि हुई है। मोज़ाम्बिक के कृषि मंत्री ने देश की खाद्य सुरक्षा को मज़बूत बनाने में चीनी कृषि प्रौद्योगिकी की भूमिका के लिए चीन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।

ग़ौरतलब है कि चीन अब तक 20 से अधिक अफ़्रीकी देशों और क्षेत्रीय संगठनों के साथ कृषि सहयोग तंत्र स्थापित कर चुका है। आने वाले समय में अफ़्रीका में और भी अधिक उन्नत चीनी कृषि उपकरण और तकनीकें पेश की जाएँगी। चीन की स्मार्ट कृषि न केवल अफ़्रीका की उत्पादन क्षमता को बढ़ा रही है, बल्कि उसकी कृषि विकास क्षमता को भी सशक्त बना रही है। चीनी तकनीक अब अफ़्रीका के “अन्न भंडार” को समृद्ध बनाने में अहम योगदान दे रही है।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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