इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई कई तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में अमेरिका को ईरान के खिलाफ मजबूत कार्रवाई करते हुए दिखाया गया है। तस्वीरों के सामने आने के बाद राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के जानकार इन्हें सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीतिक संदेश के रूप में भी देख रहे हैं। हालांकि इन तस्वीरों की वास्तविकता की पुष्टि नहीं हुई है और ये AI से बनाई गई हैं, लेकिन इनकी टाइमिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एआई तस्वीरों में क्या दिखाया गया
ट्रंप द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में अलग-अलग तरह के सैन्य दृश्य दिखाई देते हैं। एक तस्वीर में ट्रंप अमेरिकी झंडे के साथ एक बड़े तेल टैंकर पर खड़े नजर आते हैं। ऐसा लगता है जैसे अमेरिका ने ईरान के तेल से जुड़े जहाज पर कब्जा कर लिया हो। दूसरी तस्वीर में लड़ाकू विमान ईरान के खार्ग (Kharg) तेल सुविधा केंद्र पर बमबारी करते दिखाई देते हैं। इस पोस्ट में ट्रंप ने खुद को “दुनिया का रक्षक” बताया है। इन तस्वीरों का संदेश यह माना जा रहा है कि अमेरिका भविष्य में ईरान के तेल कारोबार और उसकी आर्थिक ताकत को निशाना बना सकता है।
तस्वीरें ऐसे समय आईं जब तनाव कम होने की उम्मीद थी
इन पोस्टों का समय भी काफी अहम माना जा रहा है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो सप्ताह तक तनाव और सैन्य टकराव की स्थिति बनी रही थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने हमले रोक दिए थे और बातचीत शुरू होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन ट्रंप की नई AI तस्वीरें एक अलग तस्वीर पेश करती हैं। इनमें सैन्य कार्रवाई और आक्रामक रुख दिखाई देता है, जिससे यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका आगे भी ईरान पर दबाव बनाए रख सकता है।
विशेषज्ञ क्या मान रहे हैं
कई सुरक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की ये पोस्ट केवल सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने के लिए नहीं हो सकतीं। उनका मानना है कि इन तस्वीरों के जरिए यह संकेत दिया जा सकता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त नीति जारी रखेगा। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर ऐसे संदेश लगातार सामने आते रहे तो दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बढ़ी चर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की पोस्ट होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चल रही गतिविधियों से भी जुड़ी हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
अमेरिका में हथियारों की कमी की खबरों को ट्रंप ने बताया गलत
इस बीच ट्रंप ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के कारण अमेरिका के हथियारों का भंडार कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास जरूरत से कहीं ज्यादा गोला-बारूद मौजूद है और सेना पूरी तरह तैयार है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका की सैन्य ताकत में किसी तरह की कमी नहीं आई है।
ट्रंप बोले- हथियारों की कमी अमेरिका में नहीं, ईरान में है
ट्रंप ने कहा कि हथियारों की कमी अगर कहीं है तो वह ईरान में है। उनके अनुसार ईरान के मिसाइल और अन्य हथियार तेजी से खत्म हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान के मिसाइल ढांचे और लॉन्च साइटों को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता कमजोर हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त रुख
दूसरी ओर, ईरान भी अपने रुख पर कायम है। ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के प्रबंधन के बदले सर्विस फीस ली जाए। वहीं ओमान ने एक ऐसा प्रस्ताव दिया है जिसमें क्षेत्रीय देशों का एक संयुक्त समूह बिना किसी टोल या अतिरिक्त शुल्क के इस समुद्री मार्ग का प्रबंधन करे। हालांकि ईरान इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है। वह सर्विस फीस लागू करने और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की बात कह रहा है।
आगे क्या हो सकता है
ट्रंप की AI तस्वीरों ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को चर्चा में ला दिया है। हालांकि ये तस्वीरें वास्तविक नहीं हैं, लेकिन इनसे राजनीतिक संदेश जरूर निकल रहा है। अगर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ती और तनाव बढ़ता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

