Last Updated: October 15, 2026

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AI टर्मिनल चीन में नई प्रौद्योगिकी के उपभोग को बढ़ावा देंगे

March 8, 2025

AI टर्मिनल चीन में नई प्रौद्योगिकी के उपभोग को बढ़ावा देंगे

New Technologies : चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का क्रेज़ अब सिर्फ हाई-टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और होम अप्लायंसेज़ तक पहुंच चुका है। डीपसीक एप्लिकेशन जैसी टेक्नोलॉजी के चलते चीन का AI विकास तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां अपने डिवाइसेज़ में AI इंटीग्रेट कर रही हैं, जिससे लोगों को ज्यादा स्मार्ट और इंटेलिजेंट प्रोडक्ट्स मिल रहे हैं।
चीनी टेक दिग्गज श्याओमी (Xiaomi) ने हाल ही में ऐलान किया कि वह 2025 तक अपने कुल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) बजट का 25% AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर खर्च करेगी। वहीं, स्मार्ट डिवाइस निर्माता ऑनर (Honor) ने भी 3 मार्च को खुद को दुनिया की सबसे बड़ी AI टर्मिनल इकोसिस्टम कंपनी बनाने की रणनीति की घोषणा की।
ग्लोबल रिसर्च फर्म IDC का अनुमान है कि 2025 तक चीन में स्मार्ट डिवाइसेज़ की बिक्री 4% बढ़ेगी, जबकि AI कम्पयूटर, AI टैबलेट और AI स्मार्टफोन जैसे प्रोडक्ट्स की डिमांड सालाना 20% बढ़ने की उम्मीद है। सिर्फ पारंपरिक गैजेट्स ही नहीं, बल्कि AR ग्लास भी अगले AI स्मार्ट टर्मिनल का अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं।
ई-कॉमर्स साइट्स पर लोग अब AI Voice फीचर वाले टीवी और अन्य प्रोडक्ट्स को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। कई कंज्यूमर्स के लिए स्मार्ट फीचर्स, खरीदारी के फैसले का अहम फैक्टर बन गए हैं। Hisense ने अपने टीवी में डीपसीक AI को इंटीग्रेट कर दिया है, जिससे अब टीवी से इंटेलिजेंट बातचीत करना भी संभव हो गया है। छांगहोंग (Changhong), स्काईवर्थ (Skyworth) और TCL जैसी कंपनियां भी अपने प्रोडक्ट्स में AI को शामिल कर रही हैं।
चीन सरकार भी इस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए पूरा सपोर्ट दे रही है। पिछले महीने चीनी राज्य परिषद की बैठक में AI इन्वेस्टमेंट बढ़ाने और नए प्रोडक्ट्स व टेक्नोलॉजी को प्रमोट करने की बात की गई। इसके बाद, शनचन ने एक नई AI टर्मिनल इंडस्ट्री डेवेलपमेंट प्लान जारी की, जिसमें 2026 तक इस सेक्टर को 8 खरब युआन (लगभग 111.52 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्लान के तहत AI टेक्नोलॉजी को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट फाइनेंस, स्मार्ट सिटीज़, स्मार्ट बुजुर्ग-देखभाल और स्मार्ट प्रशासनिक सेवाओं में और ज्यादा इंटीग्रेट किया जाएगा।
कुल मिलाकर, चीन में AI टेक्नोलॉजी सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि नए युग की शुरुआत बन चुकी है। स्मार्टफोन से लेकर सरकारी योजनाओं तक, हर जगह AI का प्रभाव बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी लोगों की लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदलने वाली है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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