Last Updated: October 7, 2026

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America: एक भारतीय शोधकर्ता गिरफ्तार, निर्वासन का खतरा

March 20, 2025

America: एक भारतीय शोधकर्ता गिरफ्तार, निर्वासन का खतरा

न्यूयॉर्क: अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में भारतीय शोधकर्ता बदर खान सूरी को आव्रजन अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है और वकील के अनुसार सूरी को निर्वासित किया जा सकता है। पोलिटिको ने सूरी के वकील के हवाले से बताया कि, बदर खान सूरी को सोमवार को वर्जिनिया राज्य के वाशिंगटन उपनगर में उनके घर के बाहर ‘‘नकाबपोश’’ अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया, जिन्होंने उन्हें बताया कि उनका छात्र वीजा रद्द कर दिया गया है।

नई दिल्ली में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले सूरी जॉजर्टाउन विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टरल फेलो थे, जहां वे ‘‘दक्षिण एशिया में बहुसंख्यकवाद और अल्पसंख्यक अधिकार’’ पर एक पाठय़क्रम पढ़ा रहे थे। उनकी शादी एक अमेरिकी नागरिक, मफाज अहमद यूसुफ से हुई है, जो अहमद यूसुफ की बेटी हैं, हिंदुस्तान टाइम के एक लेख में (पोलिटिको को कोट करते हुए) यूसुफ को ‘‘हमास नेतृत्व का वरिष्ठ राजनीतिक सलाहकार’’ बताया गया था।

वकील हसन अहमद ने पोलिटिको को बताया कि वर्जीनिया में एक संघीय अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण अपील दायर की गई है। सूरी दूसरे भारतीय हैं जिन्हें कथित रूप से फिलिस्तीन समर्थक कारणों में शामिल होने के कारण निर्वासन का सामना करना पड़ा है।

इस महीने की शुरुआत में, न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय में पीएचडी की छात्र रंजनी श्रीनिवासन कनाडा भाग गई। होमलैंड सुरक्षा विभाग ने उस पर ‘‘ एक आतंकवादी संगठन, हमास का समर्थन करने वाली गतिविधियों में शामिल होने’’ का आरोप लगाया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सूरी की गिरफ्तारी के बारे में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। पोलिटिको ने बताया कि अहमद ने अदालत में अपनी याचिका में कहा कि सूरी को उनकी पत्नी की फिलिस्तीनी विरासत के कारण निशाना बनाया गया था और सरकार को संदेह है कि वे दोनों इजरायल के समर्थन का विरोध करते हैं।

उनके वकील के अनुसार, सूरी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। यह स्पष्ट नहीं था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था या नहीं। एक कैथोलिक संस्थान, जॉजर्टाउन विश्वविद्यालय के अनुसार, सूरी विदेश सेवा स्कूल में मुस्लिम-ईसाई समझ के लिए अलवालीद बिन तलाल केंद्र में थे।

इसमें कहा गया है कि वह ‘ऐसी परियोजना पर काम कर रहे थे जो धार्मकि रूप से विविध समाजों के बीच सहयोग में बाधा डालने वाले संभावित कारणों और उन बाधाओं को दूर करने की संभावनाओं पर विचार करती है‘ और उन्होंने भारत, पाकिस्तान और ईरान के बलूचिस्तान सहित संघर्ष क्षेत्रों में व्यापक रूप से यात्र की है।

सूरी उन नवीनतम अकादमिक लोगों में से हैं जिन्हें ट्रंप प्रशासन द्वारा हमास समर्थक माने जाने वाले परिसरों में फिलिस्तीन समर्थक गतिविधियों या भावनाओं पर कार्रवाई में घसीटा गया है। कार्रवाई का बचाव करते हुए, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर लिखा, ‘वीजा पर संयुक्त राज्य अमेरिका आना एक विशेषाधिकार है, न कि अधिकार। यदि आप आतंकवादियों का समर्थन करने के लिए यहां हैं तो ट्रंप प्रशासन आपके वीजा को अस्वीकार करने या रद्द करने के लिए दृढ़ है।

कोलंबिया विश्वविद्यालय के हाल ही में स्नातक, महमूद खलील को इस महीने गिरफ्तार किया गया था और ग्रीन कार्ड होने के बावजूद निर्वासन की प्रतीक्षा में लुइसियाना हिरासत सुविधा में है एक न्यायाधीश ने उनकी अपील के परिणाम की प्रतीक्षा में उनके निर्वासन को रोक दिया है।

कोलंबिया की एक अन्य छात्र, लेका कोर्डयिा, जो एक फिलिस्तीनी है, को उसके छात्र वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी यहां रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ब्राउन यूनिवर्सटिी में प्रोफेसर और डॉक्टर राशा अलावीह को अमेरिका में दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि वह लेबनान गई थीं और कथित तौर पर हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह के अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं।

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