नई दिल्ली/दुबई: अमरीका और इसराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया, जिसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ऐसा प्रतीत होता है कि पहला हमला ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों में हुआ और ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दी तथा राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
इन हमलों ने ईरान में अमरीकी हस्तक्षेप के एक चौंकाने वाले नए अध्याय की शुरुआत कर दी और यह 8 महीनों के भीतर दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने इस्लामी देश के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल किया है। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। अमरीकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते हैं। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है।
हमलों के जवाब में ईरान ने वैसी ही प्रतिक्रिया दी, जैसी वह कई महीनों से देने की धमकी दे रहा था। सबसे पहले उसने इसराइल को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन की एक श्रृंखला दागी। इसके बाद उसने बहरीन, कुवैत और कतर में स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। यूएई की राजधानी पर हुए ईरानी मिसाइल के नुकीले र्छे से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद यूएई और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रलय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि देश अपनी प्रतिक्रिया देने में जरा भी हिचकिचाएगा नहीं।
मंत्रालय ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा, अब मातृभूमि की रक्षा करने और दुश्मन के सैन्य हमले का सामना करने का समय आ गया है। सरकारी समाचार एजैंसी इरना के अनुसार, हवाई हमलों में एक बालिका विद्यालय की 40 बालिकाओं की मौत हो गई। मीनाब शहर में हुए हमले में कम-से-कम 45 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। यह इन हमलों में मौतों का ईरान की ओर से पहला पुष्ट आंकड़ा है। यह हमला ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर में हुआ जहां ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक अड्डा है।
सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार विकसित करता रहा है और ऐसी मिसाइलें बनाने की योजना बना रहा है जो अमरीका तक पहुंच सकें। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में अमरीकी हताहत हो सकते हैं। उधर, ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दी। तेहरान के मध्य क्षेत्र में स्थित खामेनेई के परिसर की ओर जाने वाली सड़कों को अधिकारियों ने बंद कर दिया, जबकि राजधानी के विभिन्न हिस्सों में विस्फोटों की आवाज़ें भी सुनाई देती रही। इसराइल द्वारा ईरान पर हमले की घोषणा के बाद राजधानी तेहरान में और भी विस्फोट हुए।
इस अभियान के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इसराइली अभियान में ईरान की सेना, सरकारी भवनों और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की : ईरान ने अपने देश पर हमलों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। ईरानी विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश अमरीका-इसराइल के हमलों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की मांग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तुरंत एक आपातकालीन बैठक बुला कर इस कृत्य की निंदा करनी चाहिए।

