इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी व्हाइट हाउस ने विदेशी नागरिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। आपको बता दें कि देश में 30 दिनों से अधिक समय तक रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों को संघीय सरकार के पास पंजीकरण कराना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा, उन्हें जेल भेजा जाएगा तथा निर्वासित किया जाएगा। इस घोषणा से पूरे अमेरिका में आप्रवासी समुदायों में चिंताएं बढ़ गई हैं।
# प्रेस सचिव ने कहा
संयुक्त राज्य अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय तक रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों को संघीय सरकार के पास पंजीकरण कराना आवश्यक है। नियमों का पालन न करना एक अपराध है जिसके लिए जुर्माना, कारावास या दोनों से दण्डनीय है। लेविट ने कहा, “यदि ऐसा नहीं किया गया तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा, निर्वासित कर दिया जाएगा और आप कभी भी हमारे देश वापस नहीं आ सकेंगे।”
यह निर्देश द्वितीय विश्व युद्ध के दशकों पुराने विदेशी पंजीकरण अधिनियम पर आधारित है। यह ट्रम्प द्वारा नियुक्त अमेरिकी जिला न्यायाधीश ट्रेवर एन. द्वारा किया गया था। यह हरी झंडी मैकफैडेन के फैसले के बाद मिली, जिसमें वकालत समूहों द्वारा की गई कानूनी चुनौती को खारिज कर दिया गया था।
# जज Trevor N McFadden ने सुनाया बड़ा फैसला
न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि वादी के पास नियम को लागू होने से रोकने के लिए आवश्यक कानूनी आधार का अभाव था। इससे विवादास्पद निर्देश के कार्यान्वयन का रास्ता साफ हो गया।
–यह निर्देश उन व्यक्तियों पर लागू होता है जो 30 दिनों से अधिक समय तक अमेरिका में रहते हैं। इसमें नए आने वाले विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं होने पर उन्हें देश में प्रवेश के एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा।
–नये नियम के तहत, वीजा धारकों और कानूनी स्थायी निवासियों सहित विदेशी नागरिकों को हर समय अपने साथ पंजीकरण का प्रमाण रखना अनिवार्य होगा।
–होमलैंड सुरक्षा विभाग ने 11 अप्रैल के बाद अमेरिका में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को 30 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा।
–1-4 वर्ष की आयु के बच्चों को भी पुनः पंजीकरण कराना होगा और अपने फिंगरप्रिंट्स देने होंगे, भले ही वे पहले से पंजीकृत हों।
#इमिग्रेशन कानून लागू होते रहेंगे
लेविट, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सहयोगी भी हैं, ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से संबंधित है। उन्होंने कहा, “ट्रम्प प्रशासन हमारे देश के आव्रजन कानूनों को लागू करना जारी रखेगा।” हम यह नहीं चुनेंगे कि कौन से कानून लागू किये जाएं। हमें यह जानना होगा कि हमारे देश और सभी अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमारे देश में कौन है।
ये भी पढ़ें- दिल्ली-यूपी और राजस्थान में तेजी से बढ़ेगा तापमान, पूर्वोत्तर में बारिश और तूफान की आशंका

