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अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की यातना का सामना करना होगा

अमेरिका ने 5 जून को फिर एक बार गाजा में मानवीय मुद्दे पर यूएन सुरक्षा परिषद के मसौदे का वीटो किया। इसके विपरीत सुरक्षा परिषद के अन्य 14 सदस्य देशों ने पक्ष में मतदान किया।

मतदान के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित स्थाई चीनी प्रतिनिधि फू छोंग ने कहा कि चीन मतदान के परिणाम से बहुत निराश है। अमेरिका ने फिर एक बार वीटो का दुरुपयोग किया। इससे गाजा के लोगों के लिए आशा की आखिरी किरण खत्म की गई। अमेरिका ने फिर से 20 लाख से अधिक गाजावासियों को अंधेरे में रखा। अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की यातना का सामना करना होगा।

फू छोंग ने कहा कि इजराइल की कार्रवाइयों ने अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून की हर लाल रेखा को पार कर लिया है, जो सुरक्षा परिषद व यूएन महासभा के प्रस्तावों और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अंतरिम उपाय आदेश का गंभीर उल्लंघन है। लेकिन एक देश के संरक्षण के कारण अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों को अब तक रोका नहीं जा सका है और न ही इसकी जिम्मेदारी नहीं ली जा सकी। मतदान के परिणाम से फिर एक बार जाहिर हुआ है कि गाजा में युद्ध खत्म करने में सुरक्षा परिषद के विफल होने का मूल कारण अमेरिका का अवरोध है।

फू छोंग ने कहा कि चीन अमेरिका से सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य देश की जिम्मेदारी को सही ढंग से देखकर निष्पक्ष और जिम्मेदार रवैये से सुरक्षा परिषद के सभी जरूरी कार्रवाई का समर्थन करने का आग्रह करता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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