इंटरनेशनल डेस्क : यमन की राजधानी सना एक बार फिर युद्ध की भयानक त्रासदी का गवाह बनी, जब अमेरिकी हवाई हमलों ने एक व्यस्त बाजार को निशाना बनाते हुए 12 लोगों की जान ले ली और 30 से अधिक लोगों को घायल कर दिया। हमले के बाद शहर में हाहाकार मच गया और राहत कार्यों में जुटी टीमें मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने की जद्दोजहद में लगी हैं।
-यमन के कई इलाकों में हुए हवाई हमले
यह हवाई हमला शुउब जिले के नजदीक स्थित फरवाह बाजार पर रविवार को हुआ, जिसे सना के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में गिना जाता है। हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, यह हमला अमेरिका द्वारा यमन में किए जा रहे व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज से इलाका थर्रा उठा और हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
-स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने की पुष्टि
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि, इस हमले में न सिर्फ जानमाल का नुकसान हुआ, बल्कि बाजार में मौजूद कई दुकानें और ढांचे भी पूरी तरह से तबाह हो गए। राहत एजेंसियां अब भी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने और मृतकों की पहचान करने में जुटी हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने पश्चिमी यमन के रास ईसा बंदरगाह पर एक और बड़ा हमला किया था, जिसमें 80 लोगों की मौत और 170 से ज्यादा घायल हुए थे। उस हमले ने न सिर्फ मानवीय संकट को गहराया, बल्कि यमन के ईंधन आपूर्ति नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
-हूती समूह ने की कड़ी निंदा
हूती समूह ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई गाजा पट्टी में इजरायली हमलों का समर्थन है। हूतियों का दावा है कि उनका मकसद इजरायल पर दबाव बनाना है ताकि फिलीस्तीनी नागरिकों को राहत सामग्री की आपूर्ति बहाल हो सके। जैसे-जैसे यमन में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, वैश्विक समुदाय की नजरें इस पर टिकी हैं कि यह संघर्ष और कितनी जानें लेगा और शांति की उम्मीद कब बनेगी।
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