इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच चीन के नागरिकों के लिए भारतीय गृह मंत्रालय द्वारा नया कदम उठाया जाना सुखद कहा जा सकता है। भारतीय गृहमंत्रालन ने यहां के नागरिकों के लिए नियमित टूरिस्ट वीजा जारी करने के लिए संशोधित प्रक्रिया जारी की है। इसके साथ ही भारत यात्रा करने के लिए बौद्ध तीर्थयात्रियों और चीनी राजदूतों के पारिवारिक सदस्यों के लिए वीजा की शर्तों में भी छूट देने की तैयारी की है।
बीते साल भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवा बहाल हुई थी। जिसके लिए दोनों देशों के बीच जनवरी 2025 में समझौता हुआ था। सीधी उड़ान सेवा के समझौते के जमीनी हकीकत बनने के बाद भारत द्वारा यह कदम सकारात्मक ही कहा जाएगा। यहां याद करना जरूरी है कि पांच साल से बंद चल रही कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी पिछले साल यानी 2025 में शुरू किया गया था। इससे भारतीय तीर्थयात्रियों को काफी सहूलियत हुई है।
भारतीय मीडिया में चीन के नागरिकों के लिए नियमित टूरिस्ट बीजा जारी करने की खबरों को प्राथमिकता मिलने का मतलब है कि भारत के इस कदम का स्वागत हुआ है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस कदम का फायदा जहां भारत के लिए चीन से सैलानियों की बड़ी आवक के रूप में मिलेगा, वहीं भारत की ओर से भी चीन जाने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ेगी। क्योंकि बदले में चीन सरकार से भी ऐसे ही कदम की उम्मीद की जा रही है।
भारत के एक बड़े प्रकाशन समूह को टाइम्स ऑफ इंडिया को भारतीय गृहमंत्रालय के अधिकारी ने बताया है कि हालांकि यह निर्णय भले ही ले लिया गया हो, लेकिन ई वीजा जारी करने और इससे जुड़ी सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि इस नई नीति के चलते चीन के नागरिक अब रेगुलर टूरिस्ट वीजा पर भारत की यात्रा कर सकेंगे। साथ ही बौद्ध तीर्थयात्रियों और चीनी राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को भी राहत दी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि भारत में प्रवेश करने वाले सभी विदेशी नागरिकों के पास वैध पासपोर्ट या संयुक्त राष्ट्र का लेसेज-पासर और विदेश में किसी भारतीय दूतावास या ऑफिस द्वारा जारी किया जाना अनिवार्य है। चीनी नागरिकों के भारत में आने के लिए जो नियमित वीजा जारी होगा, उसमें पर्यटक, व्यावसायिक, रोजगार के लिए आने वाले लोग और छात्र शामिल हैं। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन करना और वीजा सुविधा केंद्र पर सहायक दस्तावेजों और फीस के साथ हार्ड कॉपी भी जमा करना होगा।
यहां यह भी याद कर लेना जरूरी है कि भारत ने चीन से दोस्ती के रिश्ते को बढ़ाते हुए साल 2019 में चीनी नागरिकों के लिए पांच साल का मल्टीपल एंट्री ई-टूरिस्ट वीजा और कम फीस वाला 30 दिन का सिंगल एंट्री विकल्प शुरू किया था। माना जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर तनाव के बीच एशिया के दो पड़ोसियों के बीच इन कदमों से जहां आपसी सद्भाव बढ़ेगा, वहीं दोनों देशों के नागरिकों की सहूलियतें भी बढ़ेंगी। इसका भारत में जहां स्वागत हो रहा है, वहीं उम्मीद की जा रही है कि चीन की ओर से भी ऐसी ही सकारात्मक प्रतिक्रिया आएगी।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

