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जन हितों से आधारित महामारी-रोधी नीतियां सफल

January 23, 2023

जन हितों से आधारित महामारी-रोधी नीतियां सफल

ऐतिहासिक अनुभव के अनुसार, जब महामारी का प्रकोप अचानक फैलता है और इस का उपचार करने वाले उपकरणों का अभाव होता है, तब लॉकडाउन करना सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए, न्यू कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बाद, दुनिया के अधिकांश देशों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अलग-अलग तौर पर लॉकडाउन को अपनाया है। हालाँकि, विभिन्न देशों की राष्ट्रीय परिस्थितियां अलग है, सो कुछ देशों ने वायरस के साथ सह-अस्तित्व का तरीका अपनाने का बीड़ा उठाया।

उधर महामारी की अनिश्चितता के सामने में चीन ने विशिष्ट स्थितियों के अनुसार रोकथाम और नियंत्रण उपायों को लगातार समायोजित किया है, और जीवन की रक्षा करने तथा समाज के सामान्य संचालन को बनाए रखने के बीच सर्वोत्तम संतुलन के लिए प्रयास किया है। 2022 की शुरूआत में, उच्च संक्रमण वाले ओमिक्रॉन का तेजी से फैलाव होने लगा। लॉकडाउन के माध्यम से इस की रोकथाम करना बहुत मुश्किल बना। पर साथ ही, इस वायरस की रोगजनकता और मृत्यु दर कम बन जाती है। इसलिए, वायरस के उत्परिवर्तन के अनुसार, चीन ने अपनी महामारी-रोधी नीतियों को समायोजित करने का निर्णय लिया।

महामारी के विकास के अनुसार, चीन ने अपने काम का केंद्र उपचार पर मोड़ करना शुरू कर दिया है। निगरानी से पता चलता है कि अब चीन में फैल रही कोरोनावायरस की शाखाएं ओमिक्रॉन म्यूटेंट स्ट्रेन से संबंधित हैं। मूल वायरस की तुलना में, ओमिक्रॉन की रोगजनकता हल्की होती है। दूसरी ओर, नवंबर 2022 तक, चीन में कुल आबादी के 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने न्यू कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन के साथ टीकाकरण का पूरा कोर्स पूरा कर लिया है। दिसंबर 2022 में प्रवेश करने के बाद, इससे संबंधित एंटीपीयरेटिक और एनाल्जेसिक दवाओं का उत्पादन तेजी से बढ़ा है, एंटीजन डिटेक्शन अभिकर्मकों की दैनिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 110 मिलियन हो गई है, और एन95 मास्क की दैनिक उत्पादन क्षमता 190 मिलियन से अधिक हो गई है। इस समय, चीन में महामारी-रोधी नीतियों का समायोजन करने के लिए पर्याप्त शर्तें पूरी हो गई हैं।

महामारी का सामना करने के साथ साथ आर्थिक विकास को भी बनाये रखना, और लोगों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा की जानी चाहिये। यह चीन की महामारी-रोधी नीतियों का मूल उद्देश्य ही है। महामारी के प्रकोप के बाद से, चीन ने महामारी के गंभीर प्रभाव का सामना किया है। उधर, वैश्विक मानव विकास सूचकांक में चीन की रैंकिंग में 6 स्थान की वृद्धि हुई है। महामारी-रोधी उपायों के समायोजन के साथ, घरेलू मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए नीतियों की एक श्रृंखला धीरे-धीरे प्रभावी हुई है, कई क्षेत्रों में काम और उत्पादन को फिर से शुरू करने की गति में तेजी आई है। विभिन्न शहरों में लोगों और वाहनों का प्रवाह काफी बढ़ गया है, रेस्तरां धीरे-धीरे फिर से शुरू हो गए हैं, कई व्यावसायिक जिलों में यात्रियों का प्रवाह बढ़ गया है, पर्यटन स्थलों और खानपान जगहों में उपभोक्ताओं की संख्या फिर से बढ़ गई है, और सांस्कृतिक और पर्यटन बाजारों की वसुली भी दिखने लगी है।

वर्तमान में, चीन के सभी क्षेत्रों में बुनियादी चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए उपचार के ग्रीन चैनल स्थापित करने का प्रयास हो रहे हैं। वर्तमान में, चीन के 98.7 प्रतिशत टाउनशिप स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में बुखार क्लीनिक खोले गये हैं। पूरे देश में चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की गारंटी की गयी है, और सरकारी विभागों ने ग्रामीण क्लीनिकों को मुफ्त में ऑक्सीजन संयंत्र और अन्य चिकित्सा उपकरण वितरित किये हैं। यह पक्का विश्वास है कि जन हितों से आधारित महामारी विरोधी नीतियां अपनाने से अंतिम जीत हासिल की जाएगी।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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