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ब्रिटेन में आतंकवाद निरोधी अभियान: 7 ईरानी नागरिकों की गिरफ्तारी, साजिश के सुराग

Punjabi woman arrested in America.

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लंदन: ब्रिटेन की आतंकवाद निरोधी पुलिस ने देशभर में छापेमारी के दौरान सात ईरानी नागरिकों समेत आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को हुई इन गिरफ्तारीयों में पांच ईरानी नागरिकों को उन पर विशिष्ट परिसरों को निशाना बनाने की कथित साजिश से जुड़ा होने के शक में हिरासत में लिया गया। पांचवें संदिग्ध की राष्ट्रीयता फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।

-इन शहरों के नागरिक के गिरफ्तार

गिरफ्तारीयों का यह सिलसिला ब्रिटेन के विभिन्न शहरों जैसे स्वीडन, पश्चिम लंदन, स्टॉकपोर्ट, रोचडेल और मैनचेस्टर में हुआ। इन गिरफ्तारियों के बारे में मेट काउंटर-टेररिज्म कमांड के प्रमुख, कमांडर डोमिनिक मर्फी ने बताया, “जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और हम इस मामले के मकसद को समझने के लिए कई पहलुओं पर काम कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जनता को किसी तरह का अतिरिक्त खतरा न हो।

कमांडर मर्फी ने यह भी बताया कि स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग करते हुए गिरफ्तारियों के बाद की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। “हमारी टीम पूरे देश में पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है,उन्होंने कहा।

-ब्रिटेन में आतंकवाद निरोधी अभियान

इसी दिन, एक और आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत लंदन में तीन अन्य ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तारियां पहले की पांच गिरफ्तारीयों से अलग हैं और इनकी जांच में तीन अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने इन संदिग्ध साजिशों के बारे में विस्तृत जानकारी देने से फिलहाल इनकार कर दिया है, ताकि ऑपरेशन की गोपनीयता बनी रहे।

-यहूदी हितों को निशाना बनाने का आरोप

ब्रिटिश अधिकारियों ने 2022 से अब तक 20 से अधिक आतंकी साजिशों को नाकाम करने का दावा किया है। इनमें से एक प्रमुख मामले में स्वीडन स्थित एक आपराधिक नेटवर्क पर प्रतिबंध भी लगाया गया है, जिसका ईरान से कथित संबंध बताया जा रहा है। इस समूह पर यूरोप में इजरायली और यहूदी हितों को निशाना बनाने का आरोप है।

ब्रिटेन के लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने अब तक गिरफ्तारियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही मीडिया के सवालों का उत्तर दिया है। इस गिरफ्तारी के बाद, ब्रिटेन में सुरक्षा संबंधी चिंताएँ और बढ़ गई हैं, जबकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ इस जटिल मामले पर गहरे से नजर बनाए हुए हैं।

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