
इंटरनेशनल डेस्क: एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक संवृद्धि और सहयोग को नई दिशा देने के लिए दुनिया के ताकतवर देशों के नेता इस साल अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में जुट रहे हैं। 32वीं APEC (एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन) आर्थिक नेताओं की बैठक 31 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2025 तक दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू, उत्तर ग्योंगसांग प्रांत में आयोजित हुई।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की थीम “एक स्थायी कल का निर्माण – जुड़ें, नवाचार करें, समृद्ध हों” रखी गई है। यह थीम भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आपसी सहयोग, तकनीकी नवाचार और समावेशी विकास पर जोर देती है।
APEC 21 अर्थव्यवस्थाओं का एक फोरम है जिसका लक्ष्य क्षेत्र में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और सतत आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना है। इसके सदस्य देश विश्व की लगभग 60% जीडीपी और 50% अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका, चीन, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत सदस्य देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शिरकत की।
“जुड़ें” – डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने पर जोर।
“नवाचार करें” – हरित प्रौद्योगिकी, डिजिटल परिवर्तन और भविष्य के उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहन।
“समृद्ध हों” – ऐसी आर्थिक नीतियां बनाना जिससे सभी वर्गों को लाभ हो और समावेशी समृद्धि आए।
इस कार्यक्रम में APEC की 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के नेता महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों और क्षेत्रीय सहयोग रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए, जिनमें व्यापार को पुनर्जीवित करना, AI के माध्यम से डिजिटल विभाजन को दूर करना और ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटना शामिल है।
श्री ट्रम्प ने गुरुवार (30 अक्टूबर, 2025) को श्री शी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक को एक ज़बरदस्त सफलता बताया और कहा कि वह चीन पर टैरिफ में कटौती करेंगे, जबकि पेइचिंग दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात की अनुमति देने और अमेरिकी सोयाबीन की खरीद शुरू करने पर सहमत हो गया है। ये समझौते दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार तनाव से जूझ रही विश्व अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात थे।
चीनी नेता शी चिनफिंग ने शुक्रवार (31 अक्टूबर, 2025) को एशिया-प्रशांत नेताओं से कहा कि उनका देश वार्षिक आर्थिक क्षेत्रीय मंच पर वैश्विक मुक्त व्यापार की रक्षा करने में मदद करेगा, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नकार दिया। श्री शी चिनफिंग ने शुक्रवार (31 अक्टूबर, 2025) को दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में शुरू हुए एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंच संभाला, जबकि श्री ट्रम्प ने एक दिन पहले ही श्री शी चिनफिंग के साथ बढ़ते व्यापार युद्ध को कम करने के लिए समझौते करने के बाद देश छोड़ दिया था। श्री ट्रम्प ने गुरुवार (30 अक्टूबर, 2025) को श्री शी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक को एक ज़बरदस्त सफलता बताया और कहा कि वह चीन पर टैरिफ में कटौती करेंगे, जबकि पेइचिंग दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात की अनुमति देने और अमेरिकी सोयाबीन की खरीद शुरू करने पर सहमत हो गया है। ये समझौते दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार तनाव से जूझ रही विश्व अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात थे।
शी ने के APEC उद्घाटन सत्र के दौरान कहा, “समय जितना अशांत होगा, हमें उतना ही अधिक एकजुट होकर काम करना होगा।” “दुनिया तेज़ी से बदलाव के दौर से गुज़र रही है, और अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ लगातार जटिल और अस्थिर होती जा रही हैं।” श्री शी ने आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया, जो चीन से अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को अलग करने के अमेरिकी प्रयासों का जवाब था।
चीन ने इस वर्ष के APEC सम्मेलन में “साझा समृद्धि और हरित विकास” की अवधारणा पर विशेष जोर दिया है। चीनी प्रतिनिधिमंडल ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा परिवर्तन और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता को भविष्य की वृद्धि के प्रमुख स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया। चीन ने यह भी प्रस्ताव रखा कि सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ APEC Connectivity Blueprint 2030 के अंतर्गत डिजिटल और व्यापारिक संपर्क को और मजबूत करें, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को भी वैश्विक बाजार में अवसर मिल सकें।
चीन के नेतृत्व ने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच, एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सहयोग, नवाचार और साझा विकास के माध्यम से नई ऊर्जा प्राप्त करनी चाहिए। पेइचिंग ने हरित प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा निवेश में सहयोग के लिए नए साझेदारी कार्यक्रमों की भी घोषणा की।
सम्मेलन में यह सहमति बनी कि सदस्य देश कार्बन उत्सर्जन में कटौती, स्वच्छ ऊर्जा निवेश, और सतत व्यापारिक ढांचे के निर्माण पर मिलकर काम करेंगे। चीन ने इस दिशा में अपनी “ग्रीन सिल्क रोड” पहल के अनुभव साझा किए, जिसे कई देशों ने सराहा।
APEC 2025 से उम्मीद है कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र को डिजिटल नवाचार, हरित परिवर्तन, और साझा समृद्धि की नई दिशा देगा। चीन की सकारात्मक भूमिका और सहयोग की भावना ने सम्मेलन में एक आशावादी माहौल बनाया है, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक एकीकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)
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