Last Updated: October 1, 2026

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Artemis II के क्रू ने चंद्रमा का सात घंटे का फ्लाईबाई किया शुरू, इंसानों ने पहले कभी नहीं देखा था ऐसा नजारा

April 7, 2026

Artemis II के क्रू ने चंद्रमा का सात घंटे का फ्लाईबाई किया शुरू, इंसानों ने पहले कभी नहीं देखा था ऐसा नजारा

Artemis II: आर्टेमिस II के क्रू ने चांद का सात घंटे का फ्लाईबाई शुरू कर दिया है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के उस दूर वाले हिस्से को देख रहे हैं जिसे इंसानों ने पहले कभी नहीं देखा।

क्रू शिफ्ट में काम कर रहा है और NASA की साइंस टीम द्वारा तय किए गए जरूरी ऑब्जर्वेशन कर रहा है। इनमें भविष्य के कमर्शियल लूनर पेलोड सर्विसेज (CLPS) मिशन की लैंडिंग साइट ‘रेनर गामा’ भी शामिल है। यह एक चमकीला, रहस्यमयी भंवर है जिसकी उत्पत्ति को वैज्ञानिक अभी भी समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, ‘ग्लुशको’ भी शामिल है। यह 27 मील चौड़ा एक चमकीला क्रेटर है, जो अपनी उन सफेद धारियों के लिए जाना जाता है जो इससे निकलकर 500 मील तक फैली होती हैं।

ऑब्जर्वेशन प्लान को अपडेट कर रही टीम
NASA ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “क्रू ने रंगों के अलग-अलग शेड्स के बारे में बताया है, जिससे चांद के बारे में हमारी वैज्ञानिक समझ को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। भूरे और नीले रंग के जो शेड्स इंसानी आंखों से देखे जा सकते हैं, वे किसी जगह की खनिज बनावट और उसकी उम्र का पता लगाने में मदद कर सकते हैं। जैसे-जैसे क्रू की रिपोर्ट मिल रही हैं, साइंस टीम उनके सवालों के आधार पर ऑब्जर्वेशन प्लान को अपडेट कर रही है और क्रू को नए निर्देश भेज रही है।”

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अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने बताया…
NASA की अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने बताया कि चांद, धरती से दिखने वाले सफेद और भूरे-सफेद शेड्स के मुकाबले, ज्यादा भूरा दिखाई दे रहा है।क्रिस्टीना कोच ने कहा, “मैंने अभी-अभी खिड़की के पास मौजूद टीम से यह बात सुनी है कि ‘मैं चांद को जितना ज्यादा देख रही हूँ, वह उतना ही ज्यादा भूरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने आगे बताया कि चांद के कुछ क्रेटर “एक लैंपशेड जैसे दिखते हैं, जिनमें सुई की नोक जितने छोटे-छोटे छेद हों।’

उन्होंने कहा, “जितने भी बहुत चमकीले और नए क्रेटर हैं, उनमें से कुछ बहुत ही छोटे हैं और ज्यादातर काफी छोटे हैं। उनमें से कुछ तो साफ तौर पर अलग ही नजर आते हैं। ये असल में एक ऐसे लैंपशेड जैसे दिखते हैं, जिनमें सुई की नोक जितने छोटे-छोटे छेद हों और उन छेदों से रोशनी छनकर बाहर आ रही हो।”

अधिकतम दूरी तय करने का तोड़ा रिकॉर्ड
इस क्रू में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ-साथ कैनेडियन स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी शामिल हैं। आर्टेमिस II मिशन ने इंसानों द्वारा पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसने अपोलो 13 मिशन के 248,655 मील के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

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स्पेसक्राफ्ट के अधिकतम दूरी पर पहुंचने की उम्मीद
नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने X पर एक पोस्ट में बताया कि आर्टेमिस II दोपहर 1:57 बजे EDT पर पृथ्वी से 252,752 मील की अधिकतम दूरी पर पहुंच गया। इस तरह इसने 1970 में बने अपोलो 13 के रिकॉर्ड को लगभग 4,102 मील से पीछे छोड़ दिया। आर्टेमिस II के क्रू को ले जा रहे ओरियन स्पेसक्राफ्ट के शाम 7:07 बजे ET पर हमारे ग्रह से अपनी अधिकतम दूरी पर पहुंचने की उम्मीद है। आर्टेमिस II मिशन, इंसानों को वापस चांद पर भेजने और भविष्य में गहरे अंतरिक्ष की खोज को आगे बढ़ाने की NASA की योजनाओं में एक अहम कदम है।

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