इंटरनेशनल डेस्क: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान में 2 जगह बड़े हमलों का दावा किया है। बीएलए के अनुसार कलात और क्वेटा इलाके में 2 अलग-अलग जगहों पर हमला करके पाकिस्तानी सेना के 29 जवानों को मौत के घाट उतारा गया है। बीएलए ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उसकी जंग जारी रहेगी। वे लोग हर हाल में सेना के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखेंगे। बलूच लिबरेशन आर्मी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में दावा किया है कि क्वेटा में बीएलए की स्पेशल यूनिट फतह स्क्वाड है।
एक पाकिस्तानी बस के जरिए यहां के सैन्यकर्मियों को ले जाया जा रहा था। इसके चलते बस को IED अटैक कर निशाना बनाया गया। बलूच लिबरेशन आर्मी ने यह भी दावा किया है कि हमले को लेकर उसकी इंटेलिजेंस इकाई ZIRAB ने खुफिया इनपुट दिया था। ZIRAB की ओर से लगातार इस बस को ट्रैक किया जा रहा था। बस कराची से क्वेटा के लिए रवाना हुई थी।
According to a statement by the #Baloch Liberation Army (#BLA), 29 #PakistanArmy personnel were killed in two coordinated attacks in #Balochistan – one near #Quetta and another near #Kalat. pic.twitter.com/VwjzDIMb9s
— IDU (@defencealerts) July 17, 2025
सैन्य ढांचे को भारी नुकसान
हमले में 27 पाकिस्तानी सैनिक मौके पर ही मारे गए, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। इस बस में कव्वाली कलाकार भी सवार थे। बीएलए के अनुसार कलाकार उन लोगों का निशाना नहीं थे। उनको कुछ नहीं कहा गया। घायल जवानों में कइयों की हालत गंभीर है। दूसरा हमला कलात के हजार गांजी इलाके में किया गया है। आईईडी हमले में पाकिस्तानी सेना के ट्रक को निशाना बनाया गया है। हमले में 2 जवान मारे गए हैं। हमले में पाकिस्तानी सैन्य ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
जाफर एक्सप्रेस को किया था अगवा
बलूच आर्मी ने पाकिस्तान को अल्टीमेटम दिया है कि वह बलूचिस्तान को आजाद कर दे। जब तक बलूचिस्तान आजाद नहीं होगा, तब तक पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी होगी। बीएलए ने हमले तेज करने की बात कहते हुए पाकिस्तान के खिलाफ जंग जारी रहने का दावा किया है। बता दें कि 11 मार्च को बीएलए ने क्वेटा से पेशावर आ रही जाफर एक्सप्रेस को भी बंधक बना लिया था।
हमले में कई पाकिस्तानी फौजी मारे गए थे। इस ट्रेन में 440 लोग सवार थे, जिनमें से लगभग 26 लोगों की मौत हो गई थी। इन लोगों में 18 सुरक्षाकर्मी शामिल बताए गए हैं। बलूच लड़ाके लंबे समय से पाकिस्तान के समक्ष अपनी मांगें माने जाने के दावे कर रहे हैं।

