Site icon Dainik Savera Times

बांग्लादेश में ये हिन्दू चेहरा संभाल सकता हैं बड़ी जिम्मेदारी, 1978 में पार्टी की थी जॉइन

Bangladesh new cabinet

Bangladesh new cabinet

Bangladesh new cabinet: बांग्लादेश की सियासत में नई हलचल के बीच संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित सरकार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबर है कि नई कैबिनेट में हिंदू समुदाय से एक वरिष्ठ नेता को शामिल करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि बीएनपी के कद्दावर नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

40 सदस्यों की हो सकती है नई कैबिनेट
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई सरकार में करीब 40 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व पुराने अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

जिन वरिष्ठ नेताओं के मंत्री बनने की चर्चा है, उनमें मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, सलाहुद्दीन चौधरी, मिर्जा अब्बास, हाफिज उद्दीन अहमद, अमीर खोसरू महमूद चौधरी और अब्दुल मोईन खान के नाम प्रमुख हैं। ये सभी पहले खालिदा जिया की सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

ये भी पढ़ें- हारने के बाद कप्तान ‘सलमान आगा’ ने गिनवाई टीम की खामियां, जानें किस पर फोड़ा हार का ठीकरा

नए चेहरों को भी मिल सकता है मौका
सूत्रों के अनुसार पार्टी युवा और महिला नेतृत्व को भी आगे लाने की तैयारी में है। संभावित नामों में शमा उबैद (फरीदपुर-2), अफरोजा खानम रीता (मानिकगंज-3) और बैरिस्टर फरजाना शर्मिन पुतुल (नटोर-1) शामिल हैं।

हिंदू प्रतिनिधित्व पर खास नजर
बीएनपी के चुनाव चिन्ह पर इस बार संसद में सिर्फ दो हिंदू उम्मीदवार जीतकर पहुंचे हैं, जिनमें गोयेश्वर चंद्र रॉय भी शामिल हैं। ऐसे में उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

तारिक रहमान पहले ही सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की बात कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि समावेशी भागीदारी से ही देश का संतुलित विकास संभव है।

ये भी पढ़ें- ऑनलाइन कुट्टू का आटा मंगवाना पड़ा भारी, खाने से 40 से ज्यादा लोगों की बिगड़ी तबीयत 

कौन हैं गोयेश्वर चंद्र रॉय?
गोयेश्वर चंद्र रॉय बीएनपी की नीति-निर्माण समिति के प्रमुख हैं और 1978 से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे ढाका-3 सीट से निर्वाचित होकर संसद पहुंचे हैं। उनका खालिदा जिया परिवार से पुराना राजनीतिक संबंध रहा है और वे पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं। उनके समधी नितॉय रॉय चौधरी भी इस बार बीएनपी के टिकट पर संसद पहुंचे हैं, जिससे पार्टी के भीतर उनका प्रभाव और मजबूत माना जा रहा है।

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की भूमिका
बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 9 प्रतिशत मानी जाती है। पूर्ववर्ती सरकारों में भी हिंदू समुदाय को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिलता रहा है। शेख हसीना के कार्यकाल में भी मंत्रिमंडल में हिंदू नेताओं को शामिल किया गया था।

अब नजर इस बात पर है कि क्या तारिक रहमान अपनी नई सरकार में समावेशी प्रतिनिधित्व की परंपरा को आगे बढ़ाते हैं। यदि गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, तो यह कदम राजनीतिक संतुलन और सामाजिक संदेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाएगा।

Exit mobile version