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वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बांग्लादेश में बवाल, कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन; 49 लोग गिरफ्तार

Bangladeshi textile workers stage violent protests demanding wage hikes

Bangladeshi textile workers stage violent protests demanding wage hikes

ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कपड़ा श्रमिकों का आंदोलन उग्र हो गया है। न्यूनतम मासिक वेतन 30,000 टका करने की मांग को लेकर सोमवार को हजारों श्रमिकों ने प्रमुख राजमार्गों को जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह विभिन्न फैक्ट्रियों के करीब 1,000 श्रमिक ढाका-टंगाइल राजमार्ग पर पल्ली विद्युत क्षेत्र में एकत्र हुए और सड़क अवरुद्ध कर दी। इससे दोनों दिशाओं में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। गाजीपुर औद्योगिक पुलिस के अधीक्षक मोहम्मद अमजद हुसैन ने बताया कि श्रमिकों के प्रदर्शन के कारण वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।

ढाका के आशुलिया क्षेत्र में भी कई फैक्ट्रियों के श्रमिक काम छोड़कर सड़क पर उतर आए और नबीनगर-चंद्रा राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। श्रमिक न्यूनतम मासिक वेतन 30,000 टका करने, ब्लैक लिस्टिंग समाप्त करने और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

आशुलिया सर्किल के सहायक आयुक्त (भूमि) मोहिबुल्लाह अकोन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कबीरपुर क्षेत्र में दो बार राजमार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास किया। प्रशासन हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले रविवार को गाजीपुर में श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर ढाका-टंगाइल राजमार्ग जाम कर दिया था और कोनाबाड़ी क्षेत्र में एक पुलिस बॉक्स में आग लगा दी थी। पुलिस के अनुसार, रविवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें कई घंटों तक जारी रहीं।

विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने मीरपुर और गाजीपुर से कई लोगों को गिरफ्तार किया है। मीरपुर क्षेत्र से 29 और गाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र से 20 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इस बीच, फ्रांस स्थित मानवाधिकार संगठन ‘जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस’ (जेएमबीएफ) ने श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तथा मनमानी गिरफ्तारियों की निंदा की है।

संगठन ने स्वतंत्र जांच, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और हिरासत में लिए गए श्रमिकों व श्रमिक नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। जेएमबीएफ के संस्थापक अध्यक्ष शाहानुर इस्लाम ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण श्रमिक बेहतर वेतन की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय बल प्रयोग और गिरफ्तारियां चिंता का विषय हैं।

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